विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर सदर अस्पताल में जागरूकता शिविर, मानसिक समस्याओं को नजरअंदाज न करने की अपील


जागता झारखंड ब्यूरो चीफ मीर उबैद उल्लाह लोहरदगा:झालसा रांची एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डालसा राजकमल मिश्रा के निर्देशानुसार सदर अस्पताल में 10 अक्टूबर 2026 को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। वहीं डालसा सचिव श्री मनोरंजन कुमार ने लोगों को संबोधित करते हुए मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और मानसिक समस्याओं को गंभीरता से लेने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के प्रति जागरूक करना और मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों को उचित सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए प्रेरित करना है। इस दौरान मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने, तनाव से निपटने तथा जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की सहायता लेने के महत्व पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य की तरह ही महत्वपूर्ण है। मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों के प्रति संवेदनशीलता बरतनी चाहिए तथा उन्हें उपेक्षित करने के बजाय सहयोग और उचित परामर्श उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। कहा कि यह समस्या देश के लिए लगातार तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में हमें खुद को स्ट्रांग करते हुए समस्याओं का निदान करना होगा। हम सब मिलकर थोड़ा थोड़ा प्रयास करेंगे तो समस्याओं का निदान होता चला जाएगा। वहीं उन्होंने डालसा के कार्यों की जानकारी साझा की। कहा कि हम एक स्वच्छ और स्वस्थ समाज बनाने की दिशा में काम कर रहे है जिसके लिए सभी का सहयोग चाहिए। उन्होंने बताया कि किस्को प्रखण्ड अंतर्गत हिसरी पंचायत में 60 दिवसीय मेगा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें हिसरी पंचायत के सभी गांवों में डालसा के पीएलवी घर घर जाकर लोगों से मिल रहें हैं, साथ ही उन्हें कानूनी जानकारी दे रहे हैं। इसके अलावा उनकी समस्या को सुनते हुए उसका समाधान करने का कार्य कर रहे हैं। डालसा के मध्यस्थ टीम पारिवारिक विवाद को समय रहते सुलझाने का काम करते है। ऐसे में परिवार को बचाने के लिए डालसा कार्य करता आ रहा है। वहीं सिविल सर्जन डा राजू कच्छप ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। मानसिक तनाव, चिंता और अन्य मानसिक परेशानियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते समस्याओं को पहचानकर विशेषज्ञों से सलाह लेने से स्थिति को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने लोगों से अपनी मानसिक सेहत का ध्यान रखने तथा मानसिक समस्याओं से जूझ रहे व्यक्तियों के प्रति सकारात्मक और सहयोगात्मक रवैया अपनाने की अपील की। सदर अस्पताल के मनोचिकित्सक डा अभिनव सहाय ने बताया कि मरीज को ऑर्गेनिक काॅज है या नहीं पहले यह जांचा जाता है। स्वभाव में परिवर्तन होने पर मनोचिकित्सक से अवश्य मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशा हमेशा नाश करता है। नशा से जो बच गया वही जिंदगी जी पाएगा और जिम्मेदारी उठा पाएगा। मौक पर सदर अस्पताल के चिकित्सक, अस्पताल कर्मी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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