जागता झारखंड मोनू अली लोहरदगा :लोहरदगा। शहर के इस्लाम नगर निवासी मो. सरवर अंसारी ने अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) लोहरदगा को आवेदन देकर प्रांतीयकृत पशु चिकित्सालय सह मॉडल अस्पताल, लोहरदगा में खस्सी (बधियाकरण) कराने के बाद उनके बकरे की मौत होने की शिकायत की है।आवेदन में मो. सरवर अंसारी ने बताया कि 27 जून 2026 को दोपहर करीब 1:40 बजे वह अपने लगभग ढाई माह के बकरे को खस्सी कराने अस्पताल ले गए थे। उनका आरोप है कि वहां मौजूद श्रीकांत प्रमाणिक ने खस्सी करने के लिए 20 रुपये तथा दवा के नाम पर 20 रुपये लिए। खस्सी करने के बाद जब वह बकरे को घर ले गए तो वह लगातार बेहोश रहा। इसके बाद वह उसे दोबारा इलाज के लिए पशु चिकित्सक डॉ. ओग साहू के पास ले गए। शिकायतकर्ता का कहना है कि चिकित्सक ने उन्हें बताया कि गलत नस कट जाने के कारण बकरे की हालत गंभीर हो गई थी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।पीड़ित ने एसडीओ से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई करने तथा हुए आर्थिक नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है। मामले में प्रशासन की जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।
जागता झारखंड मोनू अली लोहरदगा :लोहरदगा। शहर के इस्लाम नगर निवासी मो. सरवर अंसारी ने अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) लोहरदगा को आवेदन देकर प्रांतीयकृत पशु चिकित्सालय सह मॉडल अस्पताल, लोहरदगा में खस्सी (बधियाकरण) कराने के बाद उनके बकरे की मौत होने की शिकायत की है।आवेदन में मो. सरवर अंसारी ने बताया कि 27 जून 2026 को दोपहर करीब 1:40 बजे वह अपने लगभग ढाई माह के बकरे को खस्सी कराने अस्पताल ले गए थे। उनका आरोप है कि वहां मौजूद श्रीकांत प्रमाणिक ने खस्सी करने के लिए 20 रुपये तथा दवा के नाम पर 20 रुपये लिए। खस्सी करने के बाद जब वह बकरे को घर ले गए तो वह लगातार बेहोश रहा। इसके बाद वह उसे दोबारा इलाज के लिए पशु चिकित्सक डॉ. ओग साहू के पास ले गए। शिकायतकर्ता का कहना है कि चिकित्सक ने उन्हें बताया कि गलत नस कट जाने के कारण बकरे की हालत गंभीर हो गई थी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।पीड़ित ने एसडीओ से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई करने तथा हुए आर्थिक नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है। मामले में प्रशासन की जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।


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