दहेज की प्रताडना की शिकार हुई सरोजनी देवी,,, पोस्टमार्टम के बाद आज हुआ अंतिम संस्कार,,



जागता झारखंड संवाददाता बसंत कुमार गुप्ता गुमला। गुमला जिले में दहेज का मामला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। मिल रही सूचना के मुताबिक गुमला जिले के डुमरला गांव निवासी संदीप उरांव की पत्नी सरोजनी देवी उम्र 23 वर्ष की मौत की वजह मारपीट और दहेज प्रताड़ना बताया जा रहा है। सरोजनी देवी का पैर टूटा हुआ है और शरीर पर कई मारपीट के निशान है। परिवार के लोगों के द्वारा सरोजनी देवी को मारपीट के बाद रांची के जसलोक अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया था जहां मृत्यु घोषित करने के बाद 13 मई की रात में ही सरोजनी देवी के शव को जलाने की व्यवस्था कर ली गई थी,, लेकिन गाड़ी को रास्ते में ही रोक कर ग्रामीणों के द्वारा विरोध किया गया और टोटो थाना को सूचना किया गया इसके बाद टोटो थाना ने सरोजनी देवी के लाश को पोस्टमार्टम के लिए गुमला भेजा गया जहां पोस्टमार्टम आज किया गया और लाश को परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक सरोजनी देवी के पिता कार्तिक उरांव ने कहा कि एक साजिश के तहत परिवार के लोगों के द्वारा इसे मारा गया है पूर्व में भी हमारे एक पुत्र को उनके परिवार के लोगों के द्वारा ईट भट्ठा2019मे ले जाया गया था उसके बाद उधर पुत्र की मौत हो गई उसके बाद हमारे पुत्र को बिना पोस्टमार्टम के ही दाह संस्कार कर दिया गया था अब एक पुत्री हमारी थी उसका भी निधन हो गया है। उन्होंने कहा कि हमारे दो बच्चे थे अब दोनों का निधन हो गया है। सरोजिनी के पिता कार्तिक ने कहा कि हमारी पुत्री सरोजिनी को बार-बार पैसे के लिए जोर दबाव पहले से दिया जा रहा था। जिसके कारण सरोजिनी गुमला स्थित नवीन सिंह के पेट्रोल पंप पर काम कर रही थी। लेकिन गुमला जाकर सरोजिनी के काम करने से उसके पति और परिजनों को परेशानी हो रही थी और वह बाहर काम करने के लिए जाने का आरोप लगाते हुए मारपीट करते थे। सरोजिनी के पिता ने सरकार और प्रशासन से मौत के मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।


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