पति ने घर से निकाला, पाँच बच्चों से छीनी माँ की ममता — संग्रामपुर की महिला न्याय को भटकी

एक लाख रुपये की मांग और मारपीट का आरोप — बेसहारा महिला के समर्थन में उतरे समाजसेवी अजहर इस्लाम


जागता झारखंड संवाददाता पाकुड़: संग्रामपुर से एक बेहद मार्मिक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला अपनी दर्दभरी कहानी लेकर समाजसेवी अजहर इस्लाम के पास पहुंची। पीड़िता ने बताया कि करीब 15 वर्ष पहले उसकी शादी हुई थी, लेकिन आज उसकी जिंदगी पूरी तरह बिखर चुकी है। महिला का आरोप है कि पिछले एक साल से उसके पति ने उसे घर से निकाल दिया है और सबसे दुखद बात यह है कि उसके पाँचों छोटे-छोटे मासूम बच्चों को भी उससे अलग कर दिया गया है। एक माँ के लिए अपने बच्चों से बिछड़ना सबसे बड़ा दर्द होता है, जिसे वह आज झेलने को मजबूर है। पीड़िता ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि वह अब दर-दर भटक रही है, उसके पास न रहने का ठिकाना है और न ही खाने-पीने का कोई सहारा। आरोप है कि उस पर मायके से एक लाख रुपये लाने का दबाव बनाया गया, और वह पैसा उसके पति द्वारा गलत कार्यों, विशेषकर ड्रग्स के धंधे में लगाने के लिए मांगा जा रहा था। जब उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई और उसे घर से भगा दिया गया। मामले की गंभीरता को समझते हुए समाजसेवी अजहर इस्लाम ने तुरंत पीड़िता के बयान के आधार पर आवेदन तैयार करवाया और संबंधित थाना को सूचना दी, जिस पर पुलिस ने संज्ञान लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अजहर इस्लाम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़िता को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी गरीब, लाचार और बेसहारा व्यक्ति उनके पास मदद के लिए आएगा, वे हमेशा उसके साथ खड़े रहेंगे। पीड़िता की स्थिति पर संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जिनके माता-पिता भी इस दुनिया में नहीं हैं, उनका दर्द और भी गहरा होता है, ऐसे में समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वे आगे बढ़कर मदद करें। यह मामला अब केवल एक महिला की पीड़ा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि समाज में हो रहे अन्याय के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई के रूप में सामने आ रहा है।

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