केकेएम कॉलेज में संताली साहित्य दिवस का भव्य आयोजन, संस्कृति और परंपरा की दिखी झलक

साहित्य, संगीत और नृत्य से सजा समारोह, संताली भाषा के संरक्षण पर दिया गया जोर


जागता झारखंड संवाददाता पाकुड़: पाकुड़ स्थित केकेएम कॉलेज के बहुउद्देशीय सभागार में आदिवासी छात्र-छात्राओं द्वारा संताली साहित्य दिवस का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें भाषण, गीत-संगीत एवं पारंपरिक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया और पूरा सभागार सांस्कृतिक रंग में रंगा नजर आया। कार्यक्रम के दौरान प्रख्यात साहित्यकार प्रभुनाथ हेम्ब्रम ने अपनी पुस्तक का वितरण अतिथियों के बीच किया, जिससे साहित्यिक माहौल और भी समृद्ध हुआ, वहीं मुख्य अतिथि बीडीओ पाकुड़ समीर अल्फ्रेड मुर्मू ने अपने संबोधन में संताली भाषा एवं साहित्य के संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर विशेष जोर देते हुए युवाओं से अपनी संस्कृति से जुड़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रभुनाथ हेम्ब्रम, डॉ. शिव प्रसाद लोहरा, डॉ. सुशीला हांसदा, शकुंतला मुंडा, चंद्र ज्ञान तिर्की, जामिन हेम्ब्रम, डॉ. फ्रेडरिक केरकेट्टा, मुन्ना हेम्ब्रम, जेम्स मुर्मू, सावित्री सोरेन, कविता कुमारी, डॉ. सुनील कुमार गुप्ता, संगीता तिर्की, सिबु हांसदा, मासी मरांडी, चुंडा सोरेन, अंसारी सर एवं छात्र नेता कमल मुर्मू सहित कई गणमान्य अतिथि, शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन सभी के लिए स्वादिष्ट भोजन के साथ हुआ और यह आयोजन सांस्कृतिक एकता, परंपरा एवं साहित्यिक चेतना का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया, जिसे सभी उपस्थित लोगों ने “भव्य उत्सव” के रूप में सराहा।

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