जयंती में याद किए गए सिद्धू कान्हू को प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया नमन-प्रो. स्टीफन मरांडी


जागता झारखंड संवाददाता राज कुमार पाकुड़िया (
पाकुड़ ) महेशपुर विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान विधायक प्रो.स्टीफन मरांडी ने शनिवार को कार्यकर्ताओं के साथ सिद्धू कान्हू चौक पाकुड़िया में सिद्धू कान्हू के जयंती के पर स्थित सिद्धू कान्हू की आदम कद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया। इस अवसर पर उपस्थित झामुमो कार्यकर्ताओं ने आदिवासी तरीके से विधायक का स्वागत किया।इस मौक़े पर विधायक प्रो. स्टीफन मरांड़ी ने सिद्धू कान्हू के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा की 30 जून 1855 को तत्कालीन शासन व्यवस्था और महाजनों के शोषण के विरुद्ध साहिबगंज के भोगनाडीह गांव से सिदो कान्हू के नेतृत्व में संथाल हूल की शुरुआत हुई थी।जिसका आने वाले दिनों में व्यापक असर देखा गया था।नौ महीने तक संथाल हूल क्रांति चली थी। इसको लेकर अंग्रेजों ने व्यवस्था मजबूत करने के लिए संथाल परगना को अलग जिला बनाया और कई विशेष कानून बनाए गए।30 जून 1855 को दो भाइयों सिदो-कान्हू के नेतृत्व में साहिबगंज में बरहेट के पास भोगनाडीह से 10 हजार आदिवासियों ने विद्रोह का बिगुल फूंका जो नौ महीने तक धधकता रहा। कहा जाता है कि इसमें तीस से पचास हजार लोग कूद पड़े थे। संथालों ने जनमानस को परतंत्रता की बेड़ी से मुक्त कराने के लिए अपने हूल को विदेशी अंग्रेजों और स्वदेशी महाजनों दोनों दुश्मनों के खिलाफ खड़ा किया था।आज का संथाल परगना क्षेत्र संथाल हूल का प्रतिफल है। जिसे केवल संथालों ने ही नहीं बल्कि गैर संथालों में कई जाति-समुदाय ने भाग लिया था।मौक़े जिला उपाध्यक्ष हरिवंश चौबे, प्रखंड अध्यक्ष मोतीलाल हांसदा, ,प्रखंड सचिव मइनुद्दीन अंसारी, देवीलाल हंसदा , प्रखंड उपाध्यक्ष अशोक भगत ,जिला संगठन सचिव मुनीराम मरांडी निवारन मरांडी,कालीदास टुडू, अरविन्द टुडू ,शिवलाल टुडू,अब्दुल बनीज,कुबराज मरांडी,रेफाइल मुर्मू,सुभाषिनी मुर्मू, छोटू भगत , विश्वजीत दास,,मुसारफ हुसैन अख्तर आलम ,मैनेजर मरांडी ,लालबाबू शेख, नेजाम अंसारी ,,मंटू भगत,मंजूर अंसारी ,दामोदर राय ,तोहिदुल शेख,मनोज सोरेन, बुलबुल शेख ,एनोस मुर्मू, छोटू दास,रोशन अंसारी,खुदूलाल भगत ,परमेश्वर मरांडी , कारण गुप्ता ,नरेश हाँसदा,रोहित हाँसदा,सुनील टुडू,सहित पंचायत‎ के अध्यक्ष/सचिव व दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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