जनगणना में डिजिटल माध्यम के उपयोग से डेटा का संकलन आसान : डॉ ताराचंद

 जागता झारखंड ब्यूरो चीफ मीर उबैद उल्लाह लोहरदगा


भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उदे्श्य से आज समाहरणालय के झारनेट सभाकक्ष में शनिवार को प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें प्रशिक्षण में फील्ड ट्रेनर्स को दक्ष एवं सशक्त बनाने की दिशा में आवश्यक जानकारी मास्टर ट्रेनर द्वारा दी गयी। इस प्रशिक्षण में उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी डॉ ताराचंद ने कहा कि भारत की जनगणना-2027 में डिजिटल माध्यम से इस्तेमाल होगा। इसके लिए आप सभी को प्रशिक्षण बेहतर तरीके से लेना है। डिजिटल जनगणना के कारण इसमें समय की बचत होगी जिसमें पहले अधिक समय लगता था। डेटा का संकलन पहले से कहीं अधिक तेजी, सटीक व सुरक्षित तरीके से किया जा सकेगा। साथ ही डेटा की रियल टाइम में मॉनिटरिंग भी की जा सकेगी। एकत्रित डेटा का इस्तेमाल सरकार के द्वारा शीघ्र योजनाओं के निर्माण व क्रियान्वयन में किया जा सकेगा। पेपरलेस कार्य होने से पर्यावरण संरक्षण में एक बड़ा कदम होगा।प्रशिक्षण प्राप्त फील्ड ट्रेनर्स नामित प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे जो संबंधित प्रखण्ड के चार्ज जनगणना पदाधिकारी द्वारा मनोनित होंगे।प्रशिक्षण में जनगणना की प्रक्रिया, डेटा संग्रहण की आधुनिक विधियों एवं तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गयी।प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जनगणना कार्य में पारदर्शिता, शुद्धता एवं प्रभावशीलता सुनिश्चित करना है। जनगणना में डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल किया जाएगा।  प्रशिक्षण में उप विकास आयुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, अपर समाहर्ता-सह-जिला जनगणना पदाधिकारी जितेंद्र मुण्डा, भूमि सुधार उप समाहर्ता-सह-नोडल पदाधिकारी (जिला जनगणना कोषांग), जिला सांख्यिकी पदाधिकारी एवं राज्य स्तर से मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रतिनियुक्त पदाधिकारी उपस्थित थे।

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