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डुमरी : प्रकृति पूजा और आदिवासी संस्कृति के महापर्व सरहुल को लेकर डुमरी प्रखंड अंतर्गत जयरागी बाजारटांड़ में मंगलवार को पंचायत स्तरीय सरहुल महोत्सव हर्षोल्लास, पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मंगलवार की शाम करीब छह बजे बताया गया कि इस महोत्सव में पंचायत क्षेत्र के कुल सत्ताईस खोड़हा के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और सामूहिक रूप से पर्व की गरिमा को जीवंत बनाया।
कार्यक्रम की शुरुआत जयरागी स्थित सरहुल सरना स्थल पर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। मुख्य बैगा संतोष मुंडा ने अपने सहयोगियों गुलाब मुंडा, सुरजू मुंडा, मनोज मुंडा, बिछवा मुंडा तथा सुखू मुंडा के साथ पारंपरिक विधि-विधान अनुसार पूजा संपन्न कराई। इस दौरान प्रकृति, जल, जंगल और जमीन की रक्षा के साथ क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की गई।
पूजा के उपरांत सरना स्थल से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। पारंपरिक वेशभूषा में सजे ग्रामीण मांदर, नगाड़ा और ढोल की थाप पर नाचते-गाते विभिन्न मार्गों से होते हुए बाजारटांड़ पहुंचे। शोभायात्रा में युवा, बुजुर्ग और महिलाएं सामूहिक रूप से झूमते नजर आए, जिससे पूरा क्षेत्र सरहुलमय हो उठा।
बाजारटांड़ पहुंचने के बाद सामूहिक सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न नृत्य मंडलियों ने पारंपरिक झारखंडी लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान समाज के अगुवाओं को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा सभी नृत्य मंडलियों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।
इस अवसर पर पंचायत की मुखिया रेखा मिंज, उपप्रमुख हबील टोप्पो, कामिल भगत, बिक्रम भगत, रामसाय भगत, संजय साहू, प्रदीप साहू सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।


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