जागता झारखंड ब्यूरो चीफ मीर उबैद उल्लाह लोहरदगा
सर्वप्रथम जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव, परियोजना निदेशक आईटीडीए सुषमा नीलम सोरेंग, जिला शिक्षा अधीक्षक अभीजित कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी अंजना दास, बीईईओ लोहरदगा राजीव रंजन, सांसद प्रतिनिधि साजिद अहमद, विधायक प्रतिनिधि निशीथ जायसवाल, जिप सदस्यों, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मोनीदीपा बनर्जी, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी, एमलीन सुरीन, क्षेत्र प्रबंधक, आकाश कुमार के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर रुआर 2026 का शुरुवात की गई। कार्यक्रम का विषय प्रवेश कराते हुए अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मोनीदीपा बनर्जी ने कहा कि विद्यालय स्तर पर यह कार्यक्रम दिनांक 15 से 30 अप्रैल 2026 तक संचालित होगा। विद्यालय स्तर पर प्रतिदिन का कार्यक्रम निर्धारित है। विद्यालय स्तर पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कराते हुए इसका दस्तावेजीकरण भी विद्यालय स्तर पर किया जाना है। इससे संबंधित पीपीटी प्रोजेक्टर के माध्यम से जानकारी दिया गया।
अभिजीत कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक, लोहरदगा ने स्कूल रुआर, 2026 के उद्देश्य की जानकारी देते हुए कहा कि जिले के सभी बच्चों को शिक्षा से जोड़ना और स्कूल छोड़ चुके बच्चों को फिर से स्कूल लाना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। यह अभियान विद्यालय स्तर पर दिनांक 15 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक चलेगा। इस अभियान के तहत, शिक्षक और शिक्षा विभाग के अधिकारी घर-घर जाकर बच्चों की स्थिति का आकलन करेंगे और उन्हें स्कूल में नामांकन कराने के लिए प्रेरित करेंगे। इसके अलावा, स्कूलों में बच्चों की नियमित उपस्थिति और शिक्षा की निरंतरता पर भी जोर दिया जाएगा। इस अभियान में जिले जनप्रतिनिधि, प्रमुख, उपप्रमुख, सरकारी भागीदार शामिल है। जिन्होंने इस पहल के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है। अभियान की सफलता के लिए सभी हितधारकों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। साथ ही इस अभियान में ड्राप आउट बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया जाना है। हम सभी को दिव्यांग बच्चों के प्रति बेहद संवेदनशील होने की जरूरत है।
अंजना दास, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, लोहरदगा ने अपने संबोधन में कही की शिक्षा हम सभी का मौलिक अधिकार है। साथ ही सभी को शिक्षा प्रदान कराना भी हमारी सामाजिक दायित्व है।
परियोजना निदेशक, आईटीडीए, सुषमा नीलम सोरेंग ने अपने संबोधन में कही कि विद्यालय में बच्चों का ठहराव में पोषण की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। आने वाले समय में पोषण पखवाड़े का आयोजन किया जाना है। इन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा अभी बच्चों का मौलिक अधिकार है।
जिप अध्यक्ष, सुखदेव उरांव ने कहा कि बच्चे विद्यालय से बाहर क्यों हो रहें हैं, इस पर मंथन किया जा रहा है। इसी को देखते हुए सरकार द्वारा स्कूल रुआर कार्यक्रम चलाया जा रहा है। हम सभी की सामुहिक जिम्मेवारी है कि बच्चों को प्राथमिक शिक्षा मिले जो संविधान प्रदत है। इसमें बाबा साहेब, सावित्री बाई फुले का विशेष योगदान है। अभिभावकों की भी जिम्मेवारी है कि अपने बच्चों को विद्यालयों और आंगनबाड़ी केन्द्र तक लाएं।
कार्यक्रम को सांसद और विधायक प्रतिनिधि ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में सभी प्रखंड के आंगनबाड़ी केन्दों की सहायिका दीदी, सहिया, सभी प्रखंड के बीपीओ, बीआरपी, सीआरपी, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रभारी, सिनी टाटा ट्रस्ट, पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि आदि की उपस्थिति रही।


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