प्रीतम चक्रवर्ती,जागता झारखण्ड, कटिहार, बिहार। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 33 स्थित दुर्गापुर मोहल्ला इन दिनों विकास की वेदी पर चढ़ी अव्यवस्था का गवाह बन रहा है। मोहल्ले में बुडको द्वारा कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य ने स्थानीय निवासियों और स्कूली बच्चों के लिए भारी मुसीबत खड़ी कर दी है। निर्माण कार्य के दौरान बरती गई घोर लापरवाही का आलम यह रहा कि दुर्गापुर स्थित उर्दू प्राथमिक विद्यालय के सामने की दीवार भरभराकर गिर गई, जिससे स्कूल परिसर पूरी तरह असुरक्षित हो गया है। हादसे के बाद आनन-फानन में स्कूल को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है और वहां पढ़ने वाले छोटे छात्र-छात्राओं को दूसरे दूरस्थ विद्यालय में स्थानांतरित किया जा रहा है। विभाग के इस फैसले ने अभिभावकों की चिंता और आक्रोश को चरम पर पहुंचा दिया है।हैरत की बात यह है कि निर्माण एजेंसी द्वारा कार्यस्थल पर सुरक्षा के कोई भी पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। न तो कहीं लाल पट्टी (क्वेश्चन टेप) लगाई गई है और न ही बांस-बल्ले से बैरिकेडिंग की गई है, जिससे गहरी खुदाई वाले स्थानों पर किसी बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है। खुले में पड़े निर्माण उपकरण और बेतरतीब खुदाई के कारण ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अभिभावकों का स्पष्ट कहना है कि इन असुरक्षित और उबड़-खाबड़ रास्तों के बीच से मासूमों को दूर के स्कूल भेजना खतरे से खाली नहीं है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि निर्माण संस्था की कछुआ चाल और सुरक्षा मानकों की पूर्ण अनदेखी के कारण ही आज स्कूल की दीवार जमींदोज हुई है। स्थिति यह है कि राहगीरों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है और पूरा मोहल्ला इस तथाकथित विकास के कारण 'सरदर्द' झेलने को मजबूर है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से अविलंब सुरक्षा घेरा बनाने और स्कूल की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए पठन-पाठन की वैकल्पिक व्यवस्था मोहल्ले के समीप ही करने की मांग की है।


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