जागता झारखंड संवाददाता शिकारीपाड़ा (दुमका)
दुमका जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड मुख्यालय स्थित चौक पर टोटो चालक सफारुद्दीन मियां की हत्या के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर दुमका-रामपुरहाट मार्ग को करीब चार घंटे जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी और मृतक परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। जाम से यात्री वाहनों, मालवाहकों वाहनों की दोनों तरह लंबी कतारें लग गईं।शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के शिमला गांव में जमीन विवाद सुलझाने जा रहे एक पक्ष को सफारुद्दीन मियां के टोटो से ले जा रहे थे। रास्ते में दूसरे पक्ष के लोगों ने टोटो रोक लिया और चालक से उलझ पड़े। विवाद बढ़ने पर उन्होंने सफारुद्दीन पर लात-घूंसे बरसाए और लाठी से पीट दिया। घायल चालक को पहले शिकारीपाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, फिर दुमका मेडिकल कॉलेज और अंततः वर्धमान रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
सोमवार सुबह शव घर पहुंचा तो फूटा आक्रोश
आज सोमवार सुबह शव घर पहुंचते ही परिजन व ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने थाना से कुछ दूर चौक पर शव रखकर मुख्य मार्ग जाम कर दिया। मृतक के भतीजे मोइन अंसारी ने कहा, "दोषी करीम मियां, कोबाद मियां, जलील अंसारी, अब्दुल मियां, रमजान अंसारी व बशीर मियां को गिरफ्तार किया जाए। मृतक की छह बेटियां हैं और एक छोटा लड़का परिवारों का भरन पोषण कौन संभालेगा?
पुलिस का आश्वासन, दो गिरफ्तार
थाना प्रभारी अमित लकड़ा ने जाम स्थल पहुंचकर परिजनों को समझाया। उन्होंने बताया कि कल रात ही छह नामजदों के खिलाफ कांड संख्या 2/26 (धारा 191(2), 190, 126(2), 115(2), 117(2), 109, 351(3), 352 बीएनएस) दर्ज कर दो की गिरफ्तारी हो चुकी है। बाकी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।


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