वित्त विधेयक 2025 तथा आठवें वेतन आयोग की शर्तों में पेंशनरों के साथ भेदभावपूर्ण प्रावधानों को वापस लेने की मांग




जागता झारखंड दुमका ब्यूरो।  झारखंड राज्य पेंशनर समाज दुमका इकाई की ओर से बुधवार को जिला सभागार में राष्ट्रीय पेंशनर दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पंकज कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक एसबीआई दुमका, बीरेंद्र कुमार, मुख्य प्रबंधक एसबीआई मुख्य शाखा दुमका, अजीत कुमार व आशुतोष कुमार, अग्रणी प्रबंधक इंडियन बैंक दुमका, समाज के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत ठाकुर एवं सचिव तारणि प्रसाद कामत द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ व माल्यार्पण से किया गया।स्वागत भाषण में श्री कामत ने कहा कि राष्ट्रीय पेंशनर दिवस का संबंध सुप्रीम कोर्ट में डी एस नाकरा केस से है, जिसके निर्णय के बाद 17 दिसंबर को देशभर में पेंशनर दिवस मनाया जाता है। उन्होंने वित्त विधेयक 2025 तथा आठवें वेतन आयोग की शर्तों में पेंशनरों के साथ भेदभावपूर्ण प्रावधानों को वापस लेने की मांग की। कहा कि पेंशन कोई कृपा दान नहीं, बल्कि सेवा काल के लंबित वेतन का प्रतिफल है और तिथि के आधार पर भेदभाव संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है।कार्यक्रम में एसबीआई की ओर से प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 15 वरिष्ठ पेंशनरों को अंगवस्त्र व बुके देकर सम्मानित किया गया। सम्मानितों में लक्ष्मीकांत ठाकुर, उर्सिला मरांडी, प्रिंसकला टुडू, प्रमिला हेंब्रम सहित अन्य शामिल थे। सभा में सैकड़ों पेंशनर उपस्थित रहे तथा मंच संचालन कोषाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र ने किया।

Post a Comment

और नया पुराने