जागता झारखंड ब्यूरो चीफ मीर उबैद उल्लाह लोहरदगा: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) के द्वारा निर्गत आदेशानुसार जिले के पीएम श्री विद्यालय कुजरा में *मॉडल यूथ ग्राम सभा* का आयोजन गुरुवार को किया गया।उक्त ग्राम सभा का आयोजन से सम्बंधित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों में जमीनी लोकतंत्र और पंचायती राज व्यवस्था की समझ विकसित करना है।केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय की संयुक्त पहल है।उक्त कार्यक्रम में कक्षा 9 के छात्र स्कूल में ही ग्राम सभा का मंचन किये। छात्र ही सरपंच, वार्ड सदस्य, सचिव, सहायक सचिव, ग्रामीण बनकर गांव की समस्याओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, जल, स्वच्छता, नशा मुक्ति, पर्यावरण पर चर्चा कर समाधान निकालने से सम्बंधित छात्रों द्वारा रोल प्ले किया गया।जेईपीसी द्वारा जारी एसओपी के अनुसार मूल्यांकनकर्ता सीआरपी जीतेन्द्र मित्तल के द्वारा 10 बिंदुओं पर स्कूलों का मूल्यांकन किया गया। जिसमें मुख्य रूप से रोल और एजेंडा की स्पष्टता, सभी छात्रों की भागीदारी, चर्चा की गुणवत्ता, समुदाय की भागीदारी एवं व्यावहारिक समाधान विषयक पर कुल 50 अंकों में मूल्यांकन किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को आदर्श / अनुकरणीय श्रेणी में रखा जाएगा।यह पहल प्रधानमंत्री के 1 लाख युवा नेतृत्व तैयार करने के विजन से भी जुड़ी है, ताकि युवा ग्राम स्वराज की भावना को समझ सकें। उक्त कार्यक्रम के सफल संचालन में पीरामल के गाँधी फेलो की आरती गायकवाड़ एवं आयुषी निगम ने आवश्यक सहयोग किया। नोडल शिक्षक के रूप में अभय कुमार साहू के द्वारा मॉडल युवा ग्राम सभा के आयोजन हेतु छात्रों को विशेष तैयारी कराई गई। प्रभारी प्रधानाध्यापक राजश्री भगत ने इस तरह के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि पंचायती राज व्यवस्था की जानकारी बच्चों को विद्यालय स्तर पर इनकी व्यापक समझ विकसित करने का माध्यम है। विशेष रूप से उक्त कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य, अभिभावक, शिक्षक आदि उपस्थित रहें।
जागता झारखंड ब्यूरो चीफ मीर उबैद उल्लाह लोहरदगा: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) के द्वारा निर्गत आदेशानुसार जिले के पीएम श्री विद्यालय कुजरा में *मॉडल यूथ ग्राम सभा* का आयोजन गुरुवार को किया गया।उक्त ग्राम सभा का आयोजन से सम्बंधित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों में जमीनी लोकतंत्र और पंचायती राज व्यवस्था की समझ विकसित करना है।केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय की संयुक्त पहल है।उक्त कार्यक्रम में कक्षा 9 के छात्र स्कूल में ही ग्राम सभा का मंचन किये। छात्र ही सरपंच, वार्ड सदस्य, सचिव, सहायक सचिव, ग्रामीण बनकर गांव की समस्याओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, जल, स्वच्छता, नशा मुक्ति, पर्यावरण पर चर्चा कर समाधान निकालने से सम्बंधित छात्रों द्वारा रोल प्ले किया गया।जेईपीसी द्वारा जारी एसओपी के अनुसार मूल्यांकनकर्ता सीआरपी जीतेन्द्र मित्तल के द्वारा 10 बिंदुओं पर स्कूलों का मूल्यांकन किया गया। जिसमें मुख्य रूप से रोल और एजेंडा की स्पष्टता, सभी छात्रों की भागीदारी, चर्चा की गुणवत्ता, समुदाय की भागीदारी एवं व्यावहारिक समाधान विषयक पर कुल 50 अंकों में मूल्यांकन किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को आदर्श / अनुकरणीय श्रेणी में रखा जाएगा।यह पहल प्रधानमंत्री के 1 लाख युवा नेतृत्व तैयार करने के विजन से भी जुड़ी है, ताकि युवा ग्राम स्वराज की भावना को समझ सकें। उक्त कार्यक्रम के सफल संचालन में पीरामल के गाँधी फेलो की आरती गायकवाड़ एवं आयुषी निगम ने आवश्यक सहयोग किया। नोडल शिक्षक के रूप में अभय कुमार साहू के द्वारा मॉडल युवा ग्राम सभा के आयोजन हेतु छात्रों को विशेष तैयारी कराई गई। प्रभारी प्रधानाध्यापक राजश्री भगत ने इस तरह के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि पंचायती राज व्यवस्था की जानकारी बच्चों को विद्यालय स्तर पर इनकी व्यापक समझ विकसित करने का माध्यम है। विशेष रूप से उक्त कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य, अभिभावक, शिक्षक आदि उपस्थित रहें।



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