जागता झारखंड ब्यूरो चीफ मीर उबैद उल्लाह लोहरदगा: जिले के बगडू थाना क्षेत्र के हिसरी गांव में सरकारी पीसीसी सड़क निर्माण कार्य को लेकर विवाद सामने आया है। सड़क निर्माण की लाभुक महिला ने कुछ लोगों पर निर्माण कार्य रुकवाने, 20 हजार रुपये की रंगदारी मांगने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग की है।हिसरी गांव निवासी प्रतिमा कुमारी, पति विश्राम उरांव ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में बताया है कि हिसरी पंचायत के माध्यम से प्रसाद उरांव के घर से मीना देवी के घर तक पीसीसी सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ है। उनके अनुसार निर्माण कार्य सरकारी भूमि पर कराया जा रहा है।आवेदन के मुताबिक, निर्माण स्थल पर प्रसाद उरांव द्वारा लंबे समय से एक गड्ढे में गोबर डाला जाता था। सड़क निर्माण शुरू होने पर गोबर हटाने का अनुरोध किया गया, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसके बाद मजदूरों ने गड्ढे से गोबर निकालकर किनारे रख दिया और निर्माण कार्य शुरू किया।महिला का आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर प्रसाद उरांव, मनोज उरांव, आजाद उरांव, संदीप उरांव सहित अन्य लोगों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने के एवज में 20 हजार रुपये की रंगदारी मांगी गई। विरोध करने पर जान-माल की क्षति पहुंचाने की धमकी भी दी गई।प्रतिमा कुमारी ने बताया कि उनके पति रोजगार के सिलसिले में मुंबई में रहते हैं और वह बच्चों के साथ गांव में अकेली रहती हैं। ऐसे में कथित धमकियों से उनका परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करने तथा सड़क निर्माण कार्य को सुरक्षित वातावरण में पूरा कराने की मांग की है।फिलहाल आरोपित पक्ष का बयान प्राप्त नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि शिकायत की जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जागता झारखंड ब्यूरो चीफ मीर उबैद उल्लाह लोहरदगा: जिले के बगडू थाना क्षेत्र के हिसरी गांव में सरकारी पीसीसी सड़क निर्माण कार्य को लेकर विवाद सामने आया है। सड़क निर्माण की लाभुक महिला ने कुछ लोगों पर निर्माण कार्य रुकवाने, 20 हजार रुपये की रंगदारी मांगने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग की है।हिसरी गांव निवासी प्रतिमा कुमारी, पति विश्राम उरांव ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में बताया है कि हिसरी पंचायत के माध्यम से प्रसाद उरांव के घर से मीना देवी के घर तक पीसीसी सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ है। उनके अनुसार निर्माण कार्य सरकारी भूमि पर कराया जा रहा है।आवेदन के मुताबिक, निर्माण स्थल पर प्रसाद उरांव द्वारा लंबे समय से एक गड्ढे में गोबर डाला जाता था। सड़क निर्माण शुरू होने पर गोबर हटाने का अनुरोध किया गया, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसके बाद मजदूरों ने गड्ढे से गोबर निकालकर किनारे रख दिया और निर्माण कार्य शुरू किया।महिला का आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर प्रसाद उरांव, मनोज उरांव, आजाद उरांव, संदीप उरांव सहित अन्य लोगों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने के एवज में 20 हजार रुपये की रंगदारी मांगी गई। विरोध करने पर जान-माल की क्षति पहुंचाने की धमकी भी दी गई।प्रतिमा कुमारी ने बताया कि उनके पति रोजगार के सिलसिले में मुंबई में रहते हैं और वह बच्चों के साथ गांव में अकेली रहती हैं। ऐसे में कथित धमकियों से उनका परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करने तथा सड़क निर्माण कार्य को सुरक्षित वातावरण में पूरा कराने की मांग की है।फिलहाल आरोपित पक्ष का बयान प्राप्त नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि शिकायत की जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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