डायन प्रथा, दहेज और बाल विवाह पर कानूनी शिकंजा, स्कूल से जेल तक चला जागरूकता का बड़ा अभियान
जागता झारखंड संवाददाता पाकुड़: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) पाकुड़ द्वारा चलाए जा रहे 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान के तहत बुधवार को राजकीयकृत +2 उच्च विद्यालय, पाकुड़िया तथा पाकुड़ जेल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष दिवाकर पांडेय के निर्देश एवं डालसा सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। राजकीयकृत +2 उच्च विद्यालय, पाकुड़िया में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के सहायक अज़फर हुसैन विश्वास ने जादू-टोना, डायन प्रथा, बाल श्रम, बाल विवाह तथा शिक्षा के अधिकार पर विस्तार से जानकारी देते हुए इन सामाजिक कुरीतियों के कानूनी, सामाजिक, मानसिक और आर्थिक दुष्प्रभावों से छात्र-छात्राओं को अवगत कराया। साथ ही मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य और विभिन्न कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।स्थायी लोक अदालत के सदस्य मो. अबरारुल हक़ ने दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा और अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूक करते हुए नालसा की योजनाओं, जिला विधिक सेवा प्राधिकार से मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता तथा लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कानूनी सहायता के लिए नालसा के टोल-फ्री नंबर 15100 पर संपर्क करने और पैरा लीगल वॉलंटियर्स से सहायता लेने की अपील की। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य प्रमिला टुडू, शिक्षिकाएं, पैरा लीगल वॉलंटियर्स सीमा साहा, प्रियंका झा, सुनेमी मरांडी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। वहीं, पाकुड़ जेल में आयोजित कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ संजीव कुमार मंडल ने बंदियों को उनके कानूनी अधिकार, निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा, विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। कार्यक्रम में जेल प्रशासन के अधिकारी एवं पैरा लीगल वॉलंटियर मोकमाउल शेख भी उपस्थित रहे।


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