जागता झारखंड लोहरदगा:लोहरदगा (किस्को)। किस्को प्रखंड कार्यालय में कार्यरत मनरेगा के दो आउटसोर्सिंग ऑपरेटरों पर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऑपरेटर सुरेश कुमार एवं आरती कुमारी नए जॉब कार्ड बनाने के लिए कथित रूप से दलालों के माध्यम से ₹1000 की मांग करते हैं तथा बिना दलाल के आने वाले आवेदकों के आवेदन लेने से इंकार कर देते हैं।ग्रामीणों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति पंचायत सचिव एवं मुखिया से हस्ताक्षरित आवेदन लेकर स्वयं किस्को प्रखंड कार्यालय पहुंचता है, तो उसे विभिन्न बहानों से वापस लौटा दिया जाता है। वहीं, दलालों के माध्यम से आवेदन भेजने या कथित रूप से ₹1000 देने वालों का जॉब कार्ड एक ही दिन में बैक डेट से बनाकर उपलब्ध करा दिया जाता है।ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों ऑपरेटर खुलेआम लोगों को दलालों के माध्यम से आवेदन भेजने की सलाह देते हैं। इससे आम ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (बीपीओ) की जानकारी एवं संरक्षण में यह पूरा खेल चल रहा है। उनका कहना है कि कार्यालय में होने वाली गतिविधियों से बीपीओ भली-भांति अवगत हैं, इसके बावजूद कथित अनियमितताओं पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने मामले में बीपीओ की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।इस कथित मामले को लेकर किस्को प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने उपायुक्त, लोहरदगा से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोपित दोनों ऑपरेटरों के साथ-साथ मामले में संलिप्त अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।


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