जागता झारखंड संवाददाता विक्की कुमार चैनपुर गुमला
चैनपुर: 'खेत बचाओ अभियान' के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सुनील कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए संतुलित उर्वरक प्रबंधन और जैविक खेती के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।वैज्ञानिक डॉ. सुनील कुमार ने किसानों को जागरूक करते हुए कहा कि वर्तमान समय में रासायनिक खादों के अत्यधिक और असंतुलित उपयोग से खेतों की उर्वरा शक्ति लगातार क्षीण हो रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाले समय में केवल जैविक खेती को अपनाकर ही हम अपने खेतों की मिट्टी को बचा सकते हैं और फसलों से भरपूर पोषक तत्व प्राप्त कर सकते हैं। जैविक खाद और संतुलित उर्वरकों का सही तालमेल ही खेती के भविष्य को सुरक्षित और टिकाऊ बनाएगा।इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रखंड कृषि पदाधिकारी विश्वाराम केवट, बीटीएम,एटीएम,विभिन्न पंचायतों के कृषक मित्र और क्षेत्र के अनेक प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने भी किसानों को सरकारी योजनाओं और जैविक कृषि को बढ़ावा देने के लिए मिलने वाले अनुदानों के बारे में जानकारी दी। इस प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम में क्षेत्र के लगभग 65 से अधिक किसानों ने भाग लिया और जैविक खेती को अपनाने का संकल्प लिया।


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