आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाएं मुहर्रम" - संदीप कुमार मीना,सभी अखाड़ों से दिशा-निर्देशों के अनुपालन की अपील
शांतिपूर्ण मुहर्रम के लिए प्रशासन सतर्क, सोशल मीडिया पर रहेगी विशेष निगरानी
जागता झारखंड ब्यूरो चीफ मीर उबैद उल्लाह लोहरदगा:उपायुक्त संदीप कुमार मीना की अध्यक्षता में आज जिला परिषद भवन स्थित सभाकक्ष में मुहर्रम-2026 के अवसर पर जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी मुहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण एवं आपसी सौहार्द्र के वातावरण में मनाया जाएगा। उन्होंने सभी अखाड़ों के संचालकों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जुलूस एवं मेला स्थलों पर प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे तथा सिविल सर्जन द्वारा मेडिकल टीम की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। सभी एम्बुलेंस को क्रियाशील रखने एवं मेडिकल टीम की सूची संबंधित अखाड़ों एवं अधिकारियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।उपायुक्त ने कहा कि सभी जुलूस पूर्व निर्धारित मार्गों पर ही निकाले जाएंगे। प्रत्येक अखाड़ा द्वारा अपने जुलूस की वीडियो रिकॉर्डिंग करायी जाएगी तथा स्वयंसेवकों की सूची संबंधित अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी, अनुमण्डल पदाधिकारी एवं अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी को उपलब्ध कराया जाएगा।उपायुक्त ने बताया कि जुलूस एवं मेला की निगरानी सीसीटीवी कैमरों एवं ड्रोन के माध्यम से की जाएगी। सभी अंचल एवं थाना स्तर के अधिकारियों को सतत निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। शांति समिति के सदस्यों से भी निगरानी एवं सहयोग की अपील की गई।सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों के प्रति सावधान करते हुए उपायुक्त ने कहा कि किसी भी प्रकार की भ्रामक अथवा आपत्तिजनक सामग्री को साझा करने से पूर्व उसकी सत्यता अवश्य जांच लें तथा संदिग्ध सामग्री की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को दें।उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को बीएनएस की धारा 126 के अंतर्गत आवश्यक कार्रवाई, बाउंड डाउन एवं वारंट निष्पादन की प्रक्रिया समय पर पूर्ण करने का निर्देश दिया। साथ ही उत्पाद अधीक्षक को 26 जून को शराबबंदी संबंधी आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा विद्युत कार्यपालक अभियंता को मुहर्रम के अवसर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित करने का निर्देश दिया। सिविल सर्जन को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं, चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया।बैठक में पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर ने कहा कि डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध है। प्रशासन सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखेगा तथा सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने वाले संदेशों का प्रसार करने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने शांति समिति के सदस्यों से युवाओं को सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिला में पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारियों व पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव एवं उप विकास आयुक्त राज महेश्वरम ने भी अपने विचार व्यक्त किए। विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन को अपने सुझाव एवं क्षेत्रीय परिस्थितियों से अवगत कराया।बैठक में पीडी आईटीडीए सुषमा नीलम सोरेंग, अनुमण्डल पदाधिकारी अमित कुमार, डीएसपी समीर तिर्की, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी श्रद्धा केरकेट्टा, सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी एवं जिला स्तरीय शांति समिति के सदस्य उपस्थित थे।



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