चैनपुर (गुमला) : प्रखंड मुख्यालय अंतर्गत छतरपुर स्थित गणपति बप्पा मोरया पेट्रोलियम पंप में शनिवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब ग्राहकों के साथ कथित दुर्व्यवहार का विरोध करना प्रखंड उप प्रमुख सह कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष प्रमोद खलखो को भारी पड़ गया और मामला धक्का-मुक्की व हाथापाई तक पहुंच गया।
जानकारी देते हुए शनिवार शाम करीब चार बजे पंद्रह मिनट पर बताया गया कि पेट्रोल पंप कर्मियों के व्यवहार को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक उग्र हो गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रमोद खलखो पेट्रोल पंप पर पहले से बुक कराए गए डीजल को लेने पहुंचे थे। इसी दौरान एक गर्भवती महिला सहित कई ग्राहक तेल के लिए इंतजार कर रहे थे और कथित रूप से पंप कर्मियों द्वारा ग्राहकों से अभद्र व्यवहार किया जा रहा था। स्थिति बिगड़ती देख उन्होंने बीच-बचाव करते हुए ग्राहकों के सम्मानजनक व्यवहार की बात कही।
आरोप है कि इतना कहना ही विवाद की वजह बन गया और पंप संचालक, उनके पति देव कुमार तथा बेटे ने मिलकर जनप्रतिनिधि के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू कर दी। थाना प्रभारी को दिए गए लिखित आवेदन में प्रमोद खलखो ने बताया कि उन्होंने सुबह करीब नौ बजे तीस मिनट पर दो हजार रुपये का डीजल अग्रिम बुक कराया था, जिसे लेने वे शाम को पहुंचे थे।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि पंप संचालक पक्ष द्वारा मारपीट करते हुए केस नहीं करने की धमकी दी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि पंप पर अक्सर छोटे ग्राहकों, विशेषकर कम राशि का पेट्रोल लेने वालों के साथ अपमानजनक व्यवहार किया जाता है तथा विरोध करने वालों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती है।
ग्रामीणों के अनुसार उक्त पेट्रोल पंप को लेकर पूर्व में भी प्रशासन तक कई शिकायतें पहुंच चुकी हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान तेल संकट के समय भी यहां अव्यवस्था और ग्राहकों की परेशानी को लेकर विवाद सामने आया था।
बताया जाता है कि घटना की सूचना मिलने पर जब मीडिया कर्मी मौके पर पहुंचे तो पंप प्रबंधन ने स्पष्ट जवाब देने के बजाय उन पर ही निराधार आरोप लगाते हुए बातचीत से बचने की कोशिश की, जिससे लोगों में आक्रोश और बढ़ गया।
घटना के बाद क्षेत्र में यह सवाल उठने लगा है कि यदि जनप्रतिनिधि के साथ इस प्रकार का व्यवहार हो सकता है, तो आम उपभोक्ताओं की स्थिति क्या होगी। प्रखंड उप प्रमुख ने प्रशासन से मांग की है कि पेट्रोल पंप की कार्यप्रणाली, उपभोक्ता व्यवहार तथा लाइसेंस शर्तों की जांच कर दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को सम्मानपूर्वक सेवा मिल सके।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।





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