फर्जी यूनियनों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
जागता झारखंड दुमका ब्यूरो
शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के पावन अवसर पर इंटर स्टेट माइग्रेंट वर्कर यूनियन, दुमका (झारखंड) के तत्वावधान में एक भव्य एवं ऐतिहासिक रैली का आयोजन किया गया। यह रैली मजदूरों के अधिकारों की रक्षा, शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद करने तथा मजदूरों को जागरूक और संगठित करने के उद्देश्य से निकाली गई।
रैली की शुरुआत निर्धारित स्थान से की गई, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए आगे बढ़ी। रैली के दौरान मजदूरों ने अपने अधिकारों से जुड़े नारे लगाए और एकता का संदेश दिया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में मजदूर भाई-बहनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी में गजब का उत्साह, जोश और एकजुटता देखने को मिली। मजदूर दिवस का यह आयोजन पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित सभा में यूनियन के पदाधिकारियों एवं वक्ताओं ने मजदूरों के साथ हो रहे शोषण, बकाया मजदूरी, फर्जी हाजिरी (मस्टर रोल), तथा बिचौलियों की बढ़ती दखलअंदाजी जैसे गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मजदूरों के हक और सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
सभा में विशेष रूप से फर्जी यूनियनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व मजदूरों के नाम पर फर्जी संगठन बनाकर उन्हें गुमराह कर रहे हैं और उनके अधिकारों का हनन कर रहे हैं। ऐसे फर्जी यूनियनों को बंद कराने तथा वास्तविक मजदूर संगठनों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
इस कार्यक्रम में यूनियन के अध्यक्ष मोहम्मद जाकीर अंसारी के नेतृत्व में प्रमुख रूप से रामानंद यादव, मनोज राय, प्रधान सोरेन, पनेसर टुडू, सिराज अंसारी, आलम अंसारी, वकील मरांडी, अनिल टुडू, वीरेन मोहाली, विनोद प्रसाद, प्रेमलता, तारीक अजीज, खुर्शीद अनवर, नंदलाल पॉल, इमानुएल सोरेन, हेमलाल सोरेन, जयदेव गोराई सहित सभी प्रखंड समिति के सदस्य उपस्थित रहे। सभी पदाधिकारियों ने मजदूरों को एकजुट रहने और अपने अधिकारों के लिए संगठित संघर्ष करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में यह संकल्प लिया गया कि मजदूरों के हक, सम्मान और सुरक्षा के लिए यूनियन निरंतर संघर्ष करती रहेगी तथा किसी भी प्रकार के अन्याय और शोषण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



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