इंटर स्टेट माइग्रेंट वर्कर यूनियन ने लिया बड़ा निर्णय, शोषण-ठगी पर त्वरित शिकायत का निर्देश



“मजदूरों का शोषण बर्दाश्त नहीं” — जाकिर अंसारी के नेतृत्व में यूनियन ने ली कड़ी राह

जागता झारखंड दुमका ब्यूरो: इंटर स्टेट माइग्रेंट वर्कर यूनियन, दुमका झारखंड के मुख्यालय में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण एवं विस्तृत बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य बाल मजदूरी पर रोक लगाने, प्रवासी मजदूरों के शोषण को समाप्त करने, मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करने तथा विभिन्न राज्यों में कार्यरत मजदूरों की समस्याओं पर गंभीर चर्चा करना था। बैठक में यूनियन के विभिन्न प्रखंडों के प्रभारी, पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बैठक की अध्यक्षता यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष मो. जाकिर अंसारी ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज भी बड़ी संख्या में गरीब एवं असहाय बच्चों को बहला-फुसलाकर मजदूरी में लगाया जा रहा है, जो कानूनन अपराध होने के साथ-साथ मानवता के खिलाफ भी है। उन्होंने कहा कि बाल मजदूरी बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल देती है और समाज के विकास में बाधा उत्पन्न करती है। ऐसे मामलों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

केंद्रीय अध्यक्ष ने सभी प्रखंड प्रभारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखें तथा यदि कहीं भी बाल मजदूरी, मजदूरों का शोषण, जबरन कार्य कराना, मजदूरी भुगतान में अनियमितता, दलालों द्वारा ठगी अथवा मजदूरों के साथ अन्याय की शिकायत मिले तो तत्काल यूनियन एवं संबंधित प्रशासन को सूचित करें। उन्होंने कहा कि यूनियन मजदूरों के सम्मान, सुरक्षा, उचित मजदूरी एवं संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्ष करती रहेगी।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बाहर राज्यों में कार्यरत झारखंड के प्रवासी मजदूरों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि मजदूर किसी भी प्रकार के लालच, धोखाधड़ी या अवैध भर्ती का शिकार न हों। साथ ही मजदूरों को श्रम कानूनों, न्यूनतम मजदूरी, सुरक्षा सुविधाओं एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।

मो. जाकिर अंसारी ने कहा कि कई स्थानों पर मजदूरों को कम मजदूरी देकर, लंबे समय तक कार्य कराकर तथा बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखकर उनका आर्थिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है। यूनियन ऐसे सभी मामलों के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाएगी तथा जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित शिकायत भी देगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “इंटर स्टेट माइग्रेंट वर्कर यूनियन किसी भी हालत में मजदूरों का शोषण बर्दाश्त नहीं करेगी।”

बैठक में उपस्थित सभी प्रभारियों ने एकमत होकर संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मजदूरों के हितों की रक्षा करेंगे, बाल मजदूरी रोकने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाएंगे तथा पीड़ित मजदूरों को हर संभव सहायता प्रदान करेंगे। साथ ही यूनियन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने पर भी चर्चा की गई।

बैठक में पानेसल टुडू, रामानंद यादव, मनोज राय, परधान सोरेन, वकील मरांडी, हेमलाल सोरेन सहित कई प्रखंड प्रभारी, यूनियन पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे। सभी ने मजदूर एकता को मजबूत करने तथा शोषण मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।

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