प्रतिनिधि, जागता झारखंड, कटिहार, (बिहार) 15705 चंपारण हमसफर एक्सप्रेस सोमवार सुबह कटिहार जंक्शन से उस वक्त रवाना हुई, जब उसके साथ चलने वाली पैंट्री कार को तकनीकी खराबी के कारण प्लेटफॉर्म पर ही रोक दिया गया। नतीजा यह हुआ कि ट्रेन तो चल पड़ी, लेकिन यात्रियों की खानपान सुविधा पीछे छूट गई।
नाम नहीं छापने की शर्त पर पैंट्री कार के कुछ कर्मचारियों ने बताया कि पैंट्री कार में तकनीकी खराबी आ जाने की वजह से उसे यहीं रोक दिया गया। इसके कारण वे लोग न तो ड्यूटी पर जा सके और न ही ट्रेन में अपनी सेवा दे पाए।
लंबी दूरी की इस ट्रेन में बिना पैंट्री कार के सफर करना यात्रियों के लिए भारी परेशानी का सबब बन गया। चाय-पानी से लेकर खाने तक के लिए यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और कई लोग पूरे सफर के दौरान असुविधा झेलते रहे।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि इतनी बड़ी समस्या के बावजूद कटिहार मंडल रेल प्रशासन की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। न तो स्टेशन पर अतिरिक्त खानपान की व्यवस्था की गई और न ही ट्रेन में कोई अस्थायी समाधान उपलब्ध कराया गया।
अब सवाल यह उठता है कि जब रेलवे यात्रियों से सुविधा के नाम पर किराया वसूलता है, तो ऐसी स्थिति में बुनियादी सुविधा सुनिश्चित करना उसकी जिम्मेदारी क्यों नहीं बनती?
फिलहाल, चंपारण हमसफर एक्सप्रेस का यह सफर यात्रियों के लिए एक ऐसा अनुभव बन गया, जहां सफर तो हुआ—लेकिन सुविधा और भोजन दोनों गायब


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