प्रतिनिधि, जागता झारखण्ड कटिहार: पूर्व केंद्रीय मंत्री और कटिहार के सांसद तारिक अनवर ने वित्त आयोग की हालिया सिफारिशों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे देश के संघीय ढांचे के लिए एक गंभीर संकट बताया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इन सिफारिशों के माध्यम से राज्यों की हिस्सेदारी और उनके वित्तीय अधिकारों में जानबूझकर कटौती की जा रही है, ताकि राज्यों पर केंद्र की पकड़ को और अधिक मजबूत किया जा सके। अनवर के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया 'सहकारी संघवाद' की मूल भावना के विपरीत है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में खतरनाक केंद्रीकरण को बढ़ावा दे रही है।
सांसद ने विस्तार से अपनी बात रखते हुए कहा कि स्थानीय निकायों के नाम पर जो संसाधन आवंटित किए जा रहे हैं, उनके साथ बेहद कठिन और अव्यवहारिक शर्तें जोड़ी जा रही हैं। यह राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता को छीनने का एक सुनियोजित तरीका है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राज्यों के वित्तीय अधिकार इसी तरह घटाए गए, तो वे अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को संचालित करने में पूरी तरह असमर्थ हो जाएंगे। तारिक अनवर ने स्पष्ट किया कि इस नीति का सीधा खामियाजा राज्यों के विकास और वहां की आम जनता को भुगतना पड़ेगा, क्योंकि संसाधनों की कमी से स्थानीय प्रशासन पूरी तरह पंगु होकर रह जाएगा।


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