जागता झारखंड पाकुड़ ममता जयसवाल। जिले के नगर थाना क्षेत्र में इन दिनों अवैध लॉटरी कारोबार को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय स्तर पर लगातार यह बात सामने आ रही है कि कुछ संगठित माफिया तत्वों द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध लॉटरी का संचालन किया जा रहा है, जिस पर अब तक प्रभावी रोक नहीं लग पाई है। सूत्रों के अनुसार, यह अवैध कारोबार नगर थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में लंबे समय से सक्रिय है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे नेटवर्क पर प्रशासनिक कार्रवाई नगण्य रही है, जिससे इन तत्वों के हौसले और बुलंद हो गए हैं। वहीं, कुछ जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अवैध धंधे की वजह से कई परिवार आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं। खासकर युवा वर्ग तेजी से इसकी चपेट में आ रहा है, जिससे सामाजिक असंतुलन और अपराध की आशंका भी बढ़ रही है। लोगों ने आरोप लगाया है कि इस अवैध कारोबार में पप्पू, एकलाख, दुलाल, मुस्ताक और रिक्की जैसे लोगों की संलिप्तता बताई जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही संभव हो पाएगी। इस मामले में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डी एन आजाद ने कहा कि अवैध लॉटरी संचालन की शिकायतें संज्ञान में आई हैं। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति इसमें संलिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी तरह के अवैध कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस और बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आने से लोगों में नाराजगी है। नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लग सके।
जागता झारखंड पाकुड़ ममता जयसवाल। जिले के नगर थाना क्षेत्र में इन दिनों अवैध लॉटरी कारोबार को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय स्तर पर लगातार यह बात सामने आ रही है कि कुछ संगठित माफिया तत्वों द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध लॉटरी का संचालन किया जा रहा है, जिस पर अब तक प्रभावी रोक नहीं लग पाई है। सूत्रों के अनुसार, यह अवैध कारोबार नगर थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में लंबे समय से सक्रिय है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे नेटवर्क पर प्रशासनिक कार्रवाई नगण्य रही है, जिससे इन तत्वों के हौसले और बुलंद हो गए हैं। वहीं, कुछ जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अवैध धंधे की वजह से कई परिवार आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं। खासकर युवा वर्ग तेजी से इसकी चपेट में आ रहा है, जिससे सामाजिक असंतुलन और अपराध की आशंका भी बढ़ रही है। लोगों ने आरोप लगाया है कि इस अवैध कारोबार में पप्पू, एकलाख, दुलाल, मुस्ताक और रिक्की जैसे लोगों की संलिप्तता बताई जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही संभव हो पाएगी। इस मामले में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डी एन आजाद ने कहा कि अवैध लॉटरी संचालन की शिकायतें संज्ञान में आई हैं। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति इसमें संलिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी तरह के अवैध कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस और बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आने से लोगों में नाराजगी है। नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लग सके।


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