मन्नतों का दरबार बना चेंगाडांगा, सालाना उर्स में जुटे हजारों अकीदतमंद, रात भर गूंजती रही तकरीरें

सुरक्षा व्यवस्था में दिखी सख्ती और सजगता, ओपी प्रभारी राहुल गुप्ता रहे अलर्ट


जागता झारखंड संवाददाता पाकुड़: पाकुड़ सदर प्रखंड के चेंगाडांगा गांव में स्थित हजरत सैयद शाह मासूम रह० के मजार पर आयोजित सालाना उर्स इस वर्ष भी पूरी अकीदत, उल्लास और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। उर्स के मौके पर सुबह से ही मजार परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दूर-दराज से पहुंचे अकीदतमंदों ने मजार पर चादर चढ़ाकर अपनी मुरादें मांगीं और मजार शरीफ से प्राप्त तबर्रुक (सीन्नी) ग्रहण कर खुद को खुशनसीब माना।इस पवित्र अवसर पर न केवल पाकुड़, बल्कि झारखंड के अन्य जिलों और पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के विभिन्न इलाकों से भी भारी संख्या में लोग पहुंचे। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मजार की खासियत यह है कि यहां सच्चे दिल से मांगी गई हर मन्नत कबूल होती है, यही वजह है कि हर साल यहां आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ता है।उर्स के दौरान शाम होते ही माहौल और भी रौनकदार हो उठा। रंग-बिरंगी रोशनी से सजे परिसर में लगे मेले ने लोगों को खासा आकर्षित किया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने मेले का आनंद उठाया और खरीदारी की।रात में आयोजित भव्य जलसा इस उर्स का मुख्य आकर्षण रहा। जलसा में राजमहल के मशहूर इस्लामिक स्कॉलर मौलाना मुफ्ती जहांगीर आलम रिज़वी और मुर्शिदाबाद के प्रख्यात वक्ता मौलाना अबुल कलाम आजाद ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की। दोनों उलेमाओं ने अपनी असरदार तकरीरों के जरिए लोगों को इस्लाम की शिक्षाओं, इंसानियत, भाईचारे और समाज में अमन-चैन कायम रखने का पैगाम दिया। उनके बयान को सुनने के लिए देर रात तक लोगों की भीड़ जुटी रही।सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। मालपहाड़ी ओपी की पुलिस पूरे समय मुस्तैद रही, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।इस दौरान मालपहाड़ी ओपी प्रभारी राहुल कुमार गुप्ता एवं पंचायत के मुखिया विपिन सरदार भी मजार पहुंचे। मजार कमेटी की ओर से दोनों को सम्मानित कर उनका स्वागत किया गया। पूरे आयोजन के दौरान चेंगाडांगा गांव आस्था, एकता और भाईचारे की मिसाल बनकर उभरा, जहां हर धर्म और वर्ग के लोगों ने मिलकर इस पवित्र उर्स को यादगार बना दिया।

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