जागता झारखंड संवाददाता पाकुड़: पुराना समाहरणालय में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय केंद्रीय सहायक आयुक्त की पाकुड़ कार्यालय बंद पाया गया क्योंकि विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि जिले के अमरपारा प्रखंड के आलू बेड़ा में स्थित कोयला खदान डीबीएल एवं बीजीआर मजदूर जो वर्क करते हैं उन्हें ₹300 प्रतिदिन भुगतान देती है और महीना ₹9000 होती है जबकि मजदूरों को राज्य सरकार के मजदूरी दर ₹400 से अधिक है तो किस आधार पर ₹9000 कोयला कंपनी द्वारा मजदूरों को भुगतान करती है इस संदर्भ में केंद्रीय श्रम सहायक आयुक्त पाकुड़ का कार्यालय मिलने के लिए पहुंचे तो कार्यालय गंदगी से भरी हुई है तथा बंद पाई गई इस तरह से आम व्यक्ति गरीब मजदूर अपना समस्या उक्त कार्यालय में जाकर कैसे बता पाएंगे इस बात से यह स्पष्ट है कि कोयला कंपनी के इशारे पर कार्यालय खोली जाती है ताकि किसी भी प्रकार का मजदूर शिकायत दर्ज न कर पाए जिला प्रशासन से अनुरोध है कि उक्त बिंदु पर संज्ञान लेते हुए जांच कर कार्रवाई हो अन्यथा इसकी शिकायत झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी से की जाएगी तथा केंद्रीय मंत्री संबंधित विभाग से शिकायत दर्ज की जाएगी एवं माननीय मंत्री श्रम नियोजन कौशल विकास उद्योग झारखंड सरकार संजय यादव जी से भी शिकायत दर्ज की जाएगी।


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