लोहरदगा में धूमधाम से मनाया सरहुल: प्रकृति पूजा के साथ भाईचारा व एकता का संदेश

जागता झारखंड ब्यूरो चीफ मीर उबैद उल्लाह लोहरदगा :


लोहरदगा जिले में आदिवासी समाज का महान प्रकृति पर्व सरहुल आपसी भाईचारे, परंपरा और उत्साह के साथ मनाया गया। जिले के विभिन्न गांवों और शहरी क्षेत्रों में आदिवासी संगठनों के नेतृत्व में भव्य जुलूस निकाले गए। जुलूस में महिलाएं, पुरुष और युवा बड़ी संख्या में पारंपरिक वेशभूषा धारण कर शामिल हुए। सरना स्थलों पर पुजारियों ने विधि-विधान से प्रकृति, जल, जंगल और जमीन की पूजा-अर्चना संपन्न कराई। पूजा के बाद समाजबंधुओं ने ढोल-नगाड़ों, मांदर की थाप पर नृत्य करते हुए जुलूस में भाग लिया। सभी ने एक-दूसरे को सरहुल की बधाई दी और प्रकृति के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की। इस दौरान समाज ने एकजुट होकर प्रकृति संरक्षण, अमन-चैन और खुशहाली का संकल्प लिया।अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता मणि उरांव, फूलबंद उरांव, संतोष उरांव, राधा तिर्की, जगदीप उरांव, अनिल उरांव सहित कई समाजसेवी मौजूद रहे। उन्होंने शांति-सौहार्द का संदेश दिया। प्रशासन ने विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर सतर्क निगरानी रखी, जिससे पूरा पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।बीते वर्ष भी जिले में सरहुल बड़े उत्साह से मनाया गया था। मुख्यालय सहित विभिन्न प्रखंडों में पारंपरिक जुलूस निकाले गए थे। आदिवासी संगठनों ने प्रकृति पूजा कर एकता का परिचय दिया। बुजुर्गों ने नई पीढ़ी को संस्कृति व परंपराओं को संजोकर रखने की अपील की। कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए, जिसमें पारंपरिक नृत्य-गीत प्रस्तुत किए गए। प्रशासन व समाज के सहयोग से कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा।

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