जागता झारखंड संवाददाता शिकारीपाड़ा (दुमका):
शिकारीपाड़ा प्रखण्ड सभागार में प्रखण्ड प्रशासन एवं स्वयंसेवी संस्थाओं प्रवाह तथा एफ.एक्स.बी इंडिया सुरक्षा के संयुक्त तत्वावधान में प्रखण्ड स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रखण्ड विकास पदाधिकारी ने कहा कि देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के हित में कार्य करना समिति का प्रमुख दायित्व है। उन्होंने बताया कि मिशन वात्सल्य के अंतर्गत ग्राम स्तर से जिला स्तर तक बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों के गठन हेतु दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सभी की सक्रिय भागीदारी से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सकता है। अंचलाधिकारी कपिलदेव ठाकुर ने संविधान के अनुच्छेद 21, 21(अ) एवं 45 का उल्लेख करते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए परिवार आधारित देखभाल तथा सामुदायिक सहभागिता पर बल दिया।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी देवानंद मिश्रा ने ग्राम एवं पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि आंगनवाड़ी सेविका, स्वास्थ्य सहिया एवं पंचायत सचिव की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर बेहतर समन्वय से प्रखण्ड एवं जिला स्तर पर बाल हित से जुड़ी पहलों को गति मिलेगी।
जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी प्रकाश चंद्र ने मिशन वात्सल्य के तहत राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों पर प्रकाश डालते हुए ग्राम, पंचायत एवं प्रखण्ड स्तर की समितियों की भूमिका एवं जिम्मेदारियों की जानकारी दी। वहीं, एफ.एक्स.बी इंडिया सुरक्षा की प्रोग्राम मैनेजर प्राणजीता बोराह ने समिति की संरचना, मिशन वात्सल्य के उद्देश्यों, बाल मित्र केंद्रों की आवश्यकता तथा बच्चों के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी दी।
बाल कल्याण समिति के सदस्य किरण तिवारी एवं सुदीप भट्टाचार्य ने जेजे एक्ट, 2015 के अंतर्गत विधि-विवादित एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के हित में बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड की भूमिकाओं को विस्तार से बताया। प्रवाह संस्था के प्रेम कुमार ने समिति के सफल प्रयासों एवं सामुदायिक भागीदारी की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए स्पॉन्सरशिप योजना, आवश्यक दस्तावेजों तथा बच्चों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने हेतु स्थानीय संस्थानों के सशक्तिकरण पर बल दिया। पुलिस अवर निरीक्षक अरुण कुमार तुरी ने बाल दुर्व्यवहार के मामलों की रिपोर्टिंग में समुदाय की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया। इस अवसर पर पंचायत प्रतिनिधि, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, जेएसएलपीएस के प्रखण्ड प्रबंधक एवं कर्मी, चाइल्ड हेल्पलाइन के कार्यकर्ता, महिला पर्यवेक्षिका, आंगनवाड़ी सेविका, ग्राम प्रधान सहित ग्राम, पंचायत एवं जिला स्तर के हितग्राही उपस्थित रहे।



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