जागता झारखंड संवाददाता धनबाद : निरसा प्रखंड के तेतुलिया स्थित जामिया उम्मे हानि लिलबनात में आगामी 29 मार्च 2026 को एक भव्य “रिदा ए फजीलत व इतबाए सुन्नत कॉन्फ्रेंस” का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन को लेकर क्षेत्र में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं और धार्मिक माहौल पूरी तरह से उत्साहपूर्ण हो गया है।जामिया के नाजिम कारी समीउल्लाह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कॉन्फ्रेंस इलाके के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक होने जा रहा है, जिसमें देशभर से प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन, उलेमा और शायर-ए-इस्लाम शिरकत करेंगे।कारी समीउल्लाह ने बताया कि इस महत्वपूर्ण कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता हजरत मौलाना अहमद नस्र साहब बनारसी करेंगे, जबकि सरपरस्ती मुफ्ती अब्दुल हय साहब और निगरानी मौलाना मोहम्मद इसहाक साहब कासमी के जिम्मे रहेगी। कार्यक्रम का संचालन झारखंड के प्रसिद्ध संचालक मौलाना गुलाम मुस्तफा कासमी द्वारा किया जाएगा।कॉन्फ्रेंस में दारुल उलूम देवबंद, उत्तर प्रदेश, रांची और झारखंड समेत देश के विभिन्न हिस्सों से आए नामचीन उलेमा अपनी तकरीर पेश करेंगे। इनमें हजरत मौलाना मोहम्मद इरफान कासमी (देवबंद), हजरत मौलाना शिबली साहब (बहराइच, यूपी), हजरत मौलाना मुफ्ती मोहम्मद अनवर (रांची), हजरत मौलाना मोहम्मद सअद, मौलाना मोहम्मद जुनैद और मशहूर शायर-ए-इस्लाम कारी जमशेद जोहर (जामताड़ा) तथा शहंशाह-ए-तरन्नुम असद आजमी (आजमगढ़) विशेष रूप से शामिल होंगे।उन्होंने आगे बताया कि इस कॉन्फ्रेंस में कुल 39 बच्चियों को “फजीलत” की सनद प्रदान की जाएगी, जो इस कार्यक्रम का एक खास आकर्षण होगा। साथ ही इलाके के अन्य उलेमा-ए-कराम और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति भी सुनिश्चित की जा रही है।आयोजकों ने आम लोगों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस धार्मिक कार्यक्रम को सफल बनाएं और इल्म व अमल की इस महफिल का हिस्सा बनें।
जागता झारखंड संवाददाता धनबाद : निरसा प्रखंड के तेतुलिया स्थित जामिया उम्मे हानि लिलबनात में आगामी 29 मार्च 2026 को एक भव्य “रिदा ए फजीलत व इतबाए सुन्नत कॉन्फ्रेंस” का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन को लेकर क्षेत्र में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं और धार्मिक माहौल पूरी तरह से उत्साहपूर्ण हो गया है।जामिया के नाजिम कारी समीउल्लाह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कॉन्फ्रेंस इलाके के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक होने जा रहा है, जिसमें देशभर से प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन, उलेमा और शायर-ए-इस्लाम शिरकत करेंगे।कारी समीउल्लाह ने बताया कि इस महत्वपूर्ण कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता हजरत मौलाना अहमद नस्र साहब बनारसी करेंगे, जबकि सरपरस्ती मुफ्ती अब्दुल हय साहब और निगरानी मौलाना मोहम्मद इसहाक साहब कासमी के जिम्मे रहेगी। कार्यक्रम का संचालन झारखंड के प्रसिद्ध संचालक मौलाना गुलाम मुस्तफा कासमी द्वारा किया जाएगा।कॉन्फ्रेंस में दारुल उलूम देवबंद, उत्तर प्रदेश, रांची और झारखंड समेत देश के विभिन्न हिस्सों से आए नामचीन उलेमा अपनी तकरीर पेश करेंगे। इनमें हजरत मौलाना मोहम्मद इरफान कासमी (देवबंद), हजरत मौलाना शिबली साहब (बहराइच, यूपी), हजरत मौलाना मुफ्ती मोहम्मद अनवर (रांची), हजरत मौलाना मोहम्मद सअद, मौलाना मोहम्मद जुनैद और मशहूर शायर-ए-इस्लाम कारी जमशेद जोहर (जामताड़ा) तथा शहंशाह-ए-तरन्नुम असद आजमी (आजमगढ़) विशेष रूप से शामिल होंगे।उन्होंने आगे बताया कि इस कॉन्फ्रेंस में कुल 39 बच्चियों को “फजीलत” की सनद प्रदान की जाएगी, जो इस कार्यक्रम का एक खास आकर्षण होगा। साथ ही इलाके के अन्य उलेमा-ए-कराम और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति भी सुनिश्चित की जा रही है।आयोजकों ने आम लोगों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस धार्मिक कार्यक्रम को सफल बनाएं और इल्म व अमल की इस महफिल का हिस्सा बनें।


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