जागता झारखंड संवाददाता बजरंग कुमार महतो घाघरा गुमला : घाघरा प्रखंड मुख्यालय के मुख्य बाजार टांड से पाकरटोली जाने वाले अत्यंत व्यस्त मार्ग पर पिछले कई महीनों से नाली का ढक्कन खुला पड़ा है। संकरी सड़क के बीच खुली नाली राहगीरों के लिए जानलेवा जाल बन चुकी है। सोमवार और बृहस्पतिवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार में हजारों लोग उमड़ते हैं, जिससे हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।सबसे दर्दनाक पहलू स्थानीय स्कूली बच्चों से जुड़ा है। यह मार्ग उनके विद्यालय जाने का एकमात्र मुख्य रास्ता है। प्रतिदिन सैकड़ों मासूम बच्चे इसी रास्ते से गुजरते हैं। नाली का गंदा पानी सड़क पर फैल जाता है, जिससे उनके जूते-चप्पल व स्कूल ड्रेस गंदे हो जाते हैं। बच्चे हमेशा डरते रहते हैं कि कहीं गहरी नाली में न गिर पड़े।
स्वच्छता अभियानों पर सवाल, गंदगी बनी बीमारी का कारण
विडंबना यह है कि एक ओर जिला प्रशासन और संबंधित विभाग "स्वच्छ घाघरा-स्वस्थ घाघरा" जैसे अभियान चला रहे हैं, वहीं जमीन पर हकीकत कुछ और ही है। जगह-जगह स्वच्छता जागरूकता के बैनर लगे हैं, लेकिन इस नाली की हालत नारकीय है। गंदगी से लबालब नाली से दुर्गंध फैल रही है, जो मच्छरों और बीमारियों को न्योता दे रही है। जलजमाव के कारण आसपास का पूरा इलाका दूषित हो गया है। डॉक्टरों के अनुसार, डेंगू, मलेरिया और पेट संबंधी बीमारियां इसी गंदगी से पनप रही हैं। पिछले एक माह में दर्जनों लोग इससे प्रभावित हो चुके हैं। ग्रामीणों ने कचरा सड़क पर पसरा होने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ये स्वच्छता दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
बीमारियों को आमंत्रित कर रही सड़कों पर बिखरी गंदगी
सड़कों पर बिखरी गंदगी और नालियों से बहता गंदा पानी बीमारियों को न्योता दे रहा है। घाघरा बाजार टांड क्षेत्र सहित शहर की कई सड़कों पर प्लास्टिक कचरा, सब्जी के अवशेष और गंदा पानी जमा हो गया है, जिससे मच्छरों का प्रजनन बढ़ गया है।
तत्काल मरम्मत की मांग
ग्रामीणों ने अब आखिरी चेतावनी जारी की है। उन्होंने मांग की है कि नाली को मजबूत ढक्कन से तत्काल ढकवाया जाए और नियमित सफाई की व्यवस्था हो। मासूम बच्चों की सुरक्षा और आम जनता की परेशानी को देखते हुए प्रशासन को अविलंब कदम उठाने चाहिए।



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