फर्जी पत्राचार पर सख्ती, प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सर्वोपरि : यूनियन



जागता झारखंड ब्यूरो दुमका।  सीमा सड़क संगठन (बी आर ओ) के नाम पर हो रहे फर्जी एवं अनधिकृत पत्राचार से स्थानीय तथा प्रवासी मजदूरों का भविष्य गंभीर संकट में पड़ गया है। इंटर स्टेट माइग्रेंट वर्कर यूनियन की कार्यकारिणी बैठक में अध्यक्ष मो० ज़ाकिर अंसारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कुछ असामाजिक तत्व स्वयं को सामाजिक कार्यकर्ता या यूनियन सदस्य बताकर बी आर ओ के नाम से भ्रामक और गलत पत्राचार कर रहे हैं। इससे न केवल बी आर ओ अधिकारियों की छवि प्रभावित हो रही है, बल्कि मजदूरों के रोजगार पर भी सीधा प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

यूनियन ने सर्वसम्मति से स्पष्ट एवं सख्त निर्णय लिया कि बी आर ओ में किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज कराने से पहले यूनियन स्तर पर पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक शिकायत पर पहले यूनियन की बैठक में गंभीर चर्चा की जाएगी, और उसके बाद ही शिकायत को कार्रवाई हेतु स्थानीय जिला प्रशासन अथवा सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को विधिवत रूप से भेजा जाएगा। किसी भी पदाधिकारी या सदस्य द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर पत्र, कॉल या संदेश भेजना अनुशासनहीनता माना जाएगा।

यूनियन ने यह भी स्पष्ट किया कि सीमा सड़क संगठन में कार्यरत प्रवासी मजदूरों की देखरेख, संरक्षण और अधिकारों की रक्षा के लिए दुमका, झारखंड की पंजीकृत संस्था इंटर स्टेट माइग्रेंट वर्कर यूनियन (निबंधन संख्या 312/2023) ही अधिकृत एवं एकमात्र संगठन है। किसी अन्य व्यक्ति या समूह द्वारा यूनियन के नाम पर की गई गतिविधि को अवैध माना जाएगा।

यूनियन ने दो टूक कहा कि प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा, कार्य-स्थल पर सुरक्षित वातावरण, शोषण से संरक्षण तथा रोजगार की रक्षा से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग भी की गई।

इस कार्यकारिणी बैठक में माननीय सदस्यों पनेशल टुडू, रमानंद यादव, प्रधान सोरेन, मितान कुमार दास, सलामत अंसारी, तारिक अज़ीज़, प्रदीप मंडल, बिरेन मोहली, मनोज कुमार राय, वकील मरांडी एवं दिन मोहम्मद सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में लिए गए सभी निर्णय सर्वसम्मति से पारित किए गए।

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