संघर्ष ही जीवन का सार है, इसके बिना कोई सफलता नहीं मिलती-डॉक्टर भानु प्रताप साहू

 


जीवन में कभी भी कठिनाइयों से घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि कठिनाइयाँ ही मजबूती देती हैं-फा शैलेश केरकेट्टा

जागता झारखंड : सिमडेगा स्थित प्रतिष्ठित होली स्पिरिट स्कूल,जो कि ICSE बोर्ड द्वारा संचालित है, में कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के लिए विदाई समारोह का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, अभिभावकगण एवं गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही।मुख्य अतिथि डॉक्टर भानु प्रताप साहू राज हॉस्पिटल के संचालक रहें और विशिष्ट अतिथि रहें झामुमो जिलाध्यक्ष अनिल कंडुलनाl उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरणादायक संदेश दिया। डॉक्टर भानु ने कहा कि यह विदाई समारोह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन के एक महत्वपूर्ण अध्याय का समापन और नए सपनों की शुरुआत है।उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने इस विद्यालय से केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि अनुशासन, संस्कार, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी भी सीखी है, जो उनके जीवन भर काम आएगी। उन्होंने बोर्ड परीक्षा को जीवन का एक पड़ाव बताते हुए कहा कि परीक्षा ही जीवन की अंतिम मंज़िल नहीं होती, बल्कि असली सफलता वही है जो असफलता से सीखकर आगे बढ़े।आगे उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, प्रशासनिक अधिकारी, खिलाड़ी या समाजसेवक बनें, लेकिन सबसे पहले एक अच्छा इंसान बनना न भूलें। साथ ही माता-पिता एवं शिक्षकों के सम्मान और समाज व देश के लिए कुछ करने की भावना को बनाए रखने की अपील की।कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी विद्यार्थियों की मेहनत, लगन और संघर्ष की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।मौके पर स्कूल के प्रिंसिपल फा शैलेश केरकेट्टा, एडमिनिस्ट्रेटर फा फैलीक्स लकड़ा,फा सुनिल सुरिन, शिक्षक शिक्षिकाएं, झामुमो केंद्रीय सदस्य नोवास केरकेट्टा, जिला उपाध्यक्ष रितेश बड़ाईक,उपस्थित रहें l

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