मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत विशाल धरना-प्रदर्शन
शमीम अहसन जागता झारखंड ब्यूरो गोड्डा: जिला के ठाकुरगंगटी प्रखंड में मंगलवार को मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम के तहत एक विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष दीपक मुर्मू ने की। इस दौरान कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने केंद्र सरकार की मजदूर-विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। धरना को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि महात्मा गांधी के नाम से नफरत करने वाली शक्तियां अब गांव के गरीब किसानों और मजदूरों के पेट पर बुलडोजर चलाने की साजिश कर रही हैं। कांग्रेस पार्टी गांव और गरीबों के अधिकारों पर होने वाले इस सीधे हमले को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।
वक्ताओं ने कहा कि पहले मनरेगा के तहत गरीब मजदूर और महिलाएं स्वयं अपनी योजनाएं तय करते थे, लेकिन अब केंद्र सरकार इसे ऊपर से थोपने का प्रयास कर रही है। मनरेगा कानून में मजदूरी भुगतान में देरी होने पर जुर्माने का जो प्रावधान था, उसे शिथिल किया जा रहा है, जिससे मजदूरों का शोषण बढ़ रहा है। नए नियमों के तहत मजदूरों को 60 दिनों तक कार्य से वंचित रहने पर मजबूर किया जा रहा है, जो उनके आजीविका के अधिकार का खुला उल्लंघन है। साथ ही अब यह भी तय किया जा रहा है कि मजदूरों को कहां काम करना है, जो मनरेगा की मूल भावना—स्थानीय स्तर पर रोजगार—के पूरी तरह खिलाफ है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने हमेशा गरीब मजदूरों के अधिकारों की रक्षा की है और मनरेगा जैसा ऐतिहासिक कानून बनाया। आज केंद्र सरकार का रवैया तानाशाहीपूर्ण हो चुका है। कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया कि मजदूरों के हक की यह लड़ाई अब थमने वाली नहीं है।
वक्ताओं ने ऐलान किया कि यह संग्राम गांव-गांव और गली-गली से होते हुए सदन तक पहुंचेगा। जब तक मजदूरों को उनका सम्मान और अधिकार वापस नहीं मिल जाता, तब तक कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी।
धरना-प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों और पार्टी पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मजदूर, ग्रामीण और कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


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