रोकथाम - जागरूकता -पोषण- ज्ञान-आशा - P,A,N,K,H
जागता झारखंड ब्यूरो चीफ मनोज कुमार दिल्ली : एक स्वस्थ समाज बनाने की प्रतिबद्धता और बेहतर कल के विज़न के साथ, दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट ( दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट )अपने प्रमुख आउटरीच कार्यक्रम, कैंसर हॉस्पिटल स्कूल विद पंख के माध्यम से स्कूली बच्चों के बीच कैंसर के बारे में जागरूकता पैदा करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।एक साल पहले शुरू की गई इस पहल ने दिल्ली के एक दर्जन से अधिक सरकारी स्कूलों में हजारों छात्रों को सफलतापूर्वक शिक्षित किया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को कैंसर के बारे में सटीक जानकारी देकर सशक्त बनाना है, जिसमें रोकथाम, शुरुआती पहचान और स्वस्थ जीवन शैली की आदतों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।( पंख )का मतलब है रोकथाम, जागरूकता, पोषण, ज्ञान और आशा, और यह अभियान दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट स्कूल विद पंख के बैनर तले चलाया जाता है।यह कॉन्सेप्ट ,दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पंकज त्यागी ने तैयार किया था। यह कार्यक्रम दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टिट्यूट की एग्जीक्यूटिव रंजना कुमारी के समन्वय में प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, जो स्कूलों से संपर्क करती हैं और वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों और डॉक्टरों के साथ मिलकर सत्रों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करती हैं।इस पहल के बारे में बात करते हुए, दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टिट्यूट के निदेशक डॉ. विनोद कुमार ने कहा:“यह एक नई पहल है जहाँ एक अस्पताल हमारे देश के लिए एक स्वस्थ, स्मार्ट और उज्जवल भविष्य सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों तक पहुँचता है। मैं पूरी कैंसर जागरूकता टीम को बधाई देता हूँ और उनका पूरे दिल से समर्थन के लिए स्कूलों को धन्यवाद देता हूँ।”इस पहल के मेंटर डॉ. पंकज त्यागी ने कहा:हमने एक सफल शुरुआत की है और हम अपनी पहुँच का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा लक्ष्य हर महीने दो से तीन स्कूलों को कवर करना है। कैंसर के जोखिम को कम करने और शुरुआती इस पहल को डॉक्टर पंकज त्यागी ने कहा हमने एक सफल शुरुआत की है और हम अपनी पहुंच का विस्तार करने के लिए प्रतिबंध है , हमारा लक्ष्य हर महीने दो से तीन स्कूलों को कवर करना है , कैंसर के जोखिम को कम करने और शुरुआती लक्षण पहचान को सक्षम करने में जागरूकता पैदा करना और सतर्कता को जागरूक करना महत्वपूर्ण है, इस अभियान के तहत कक्षा 6 से कक्षा 12 तक के छात्र व छात्राओं को कैंसर के बारे में जागरूक किया जाता है क्लिनिकल ऑनकोलॉजी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर शांभवी शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि 200 से अधिक प्रकार के कैंसर में से उन पर विशेष ध्यान दिया जाता है जिन्हें जीवन शैली में बदलाव स्वच्छता युवी करने और विकिकरण से सुरक्षा, और एक स्वस्थ और संतुलित आहार के माध्यम से रोका जा सकता है, यह कार्यक्रम कैंसर के लिए बदले जा सकने वाले जोखिम कारकों पर ढूंढता से जोड़ देता है कार्यक्रम समन्वयक रंजना कुमारी ने कहा कि तीन से चार फैकल्टी सदस्यों और डॉक्टरों की एक समर्पित टीम पर्सनल एग्जीक्यूटिव के साथ निरंतर जागरूकता प्रयासों के माध्यम से देश में कैंसर के बोझ को कम करने के उद्देश्य से स्कूलों का दौरा करती है 4 से 5 अलग-अलग विभागों के डॉक्टर प्रत्येक सत्र में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं स्टूडेंट को सर्वाइकल, सर, और गर्दन, ब्रेस्ट, फेफड़े, लीवर, जैसे कैंसर से जुड़े बचाव के तरीकों के बारे में बताया जाता है हर सेशन में एक इंटरएक्टिव सवाल जवाब का सेगमेंट होता है जिससे स्टूडेंट अपने डाउट क्लियर कर सके और मेडिकल एक्सपर्ट के साथ एक्टिव रूप से जुड़ सके दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट इस पहल को और मजबूत बनाने की योजना बना रहा है जिसके तहत इसकी पहुंच 12 स्कूलों से बढ़ाकर सालाना 25 से 30 स्कूलों तक की जाएगी जिससे कम उम्र में ही शिक्षा के जरिए कैंसर की रोकथाम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत किया जा सके



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