पूरे पत्थर उद्योग क्षेत्र में हड़कंप, वाहनों का परिवहन ठप; मालिक ताले लगाकर भागे
जागता झारखंड संवाददाता शिकारीपाड़ा (दुमका):
सहायक नियंत्रक विधि एवं माप विज्ञान धनबाद शशिकांत कुमार ने बुधवार को अंचल अधिकारी शिकारीपाड़ा कपिलदेव ठाकुर के साथ मिलकर शिकारीपाड़ा प्रखंड के पत्थर औद्योगिक क्षेत्र में लगे 19 कांतों के लाइसेंस की भौतिक जांच की। इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और पत्थर लदे वाहनों का परिवहन पूरी तरह ठप हो गया।शशिकांत कुमार ने बताया कि 19 कांतों की जांच में 12 के अलावा बाकी के कागजात सही पाए गए। दो कांतों पर कागजात गलत पाए जाने के कारण कुल 1,23,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। सभी कांटा संचालकों को नापतौल विभाग से विधिवत लाइसेंस लेकर ही संचालन करने का निर्देश दिया गया है। बिना लाइसेंस संचालन करने वालों पर सख्त जुर्माना लगाया जाएगा।जांच के दौरान अधिकांश कांटा मालिकों ने ताले लगाकर भागने का सहारा लिया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पत्थर लदे वाहनों का परिचालन रुकने के दो मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। पहला, मंगलवार रात पश्चिम बंगाल सीमा से जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा तीन पत्थर लदे वाहनों को जप्त कर प्रखंड परिसर में खड़ा करना। दूसरा, बुधवार को मापतौल विभाग की लाइसेंस जांच। इसके चलते चित्रागढ़िया, पिनरगाड़िया, सरस डंगाल, मकड़ा पहाड़ी और चिरुड़ीह सहित पूरे पत्थर उद्योग क्षेत्र में कारोबार पूरी तरह ठप रहा।स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि लगातार जांचों से उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान कालाबाजारी रोकने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है।


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