लोहरदगा पुलिस की कार्रवाई से नक्सल नेटवर्क पर चोट, इनामी उग्रवादी गिरफ्तार

 कुडू थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 1 लाख रूपये का इनामी भाकपा (माओवादी) उग्रवादी गिरफ्तार


 
एसपी सादिक अनवर रिजवी के निर्देश पर ऑपरेशन सफल 

जागता झारखंड ब्यूरो चीफ मीर उबैद उल्लाह लोहरदगा: पुलिस अधीक्षक लोहरदगा सादिक अनवर रिजवी को गुप्त सूचना मिली कि भाकपा (माओवादी) संगठन का क्षेत्रीय कमांडर रविन्द्र गंझू व उसका दस्ता सदस्य राजा हेमंत असुर उर्फ राजन असुर, जिस पर 1 लाख रुपए का इनाम घोषित है, अवैध हथियार के साथ संगठन विस्तार हेतु चंदवा क्षेत्र से कुडू थाना क्षेत्र के ग्राम चुल्हापानी की ओर जा रहा है। सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई हेतु एसडीपीओ किस्को वेदांत शंकर के नेतृत्व में पुलिस बल और 32वीं वाहिनी एसएसबी की संयुक्त टीम गठित की गई।रात्रि में कुडू-चंदवा मार्ग स्थित केरवाडी शिव मंदिर के पास घेराबंदी कर छापामारी की गई। इस दौरान एक संदिग्ध युवक को पकड़ा गया, जिसने पूछताछ में अपना नाम राजा हेमंत असुर उर्फ राजन खेरवार पिता दशरथ असुर निवासी हेसाग, थाना सेरेंगदाग, जिला लोहरदगा बताया। तलाशी में उसके पास से एक देशी कट्टा तथा 10 जीवित आठ मिलीमीटर कारतूस बरामद हुए। इस पर कुडू थाना कांड संख्या 125/25 दिनांक 26.11.2025 धारा 25(1-B)a/26 Arms Act, 17 CLA Act तथा UAPA की धारा 13/16 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।पूछताछ में आरोपी ने कई गंभीर नक्सली घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की। इनमें वर्ष 2021 में सेरेंगदाग क्षेत्र में लेवी हेतु पर्चा वितरण, वर्ष 2022 में बुलबुल और कोरगो पुलिस मुठभेड़, चंदवा रेलवे निर्माण वाहनों में आगजनी, तथा 2023-24 के बीच विभिन्न पुल निर्माण स्थलों और निर्माण वाहनों को लक्ष्य कर हिंसक घटनाओं का संचालन प्रमुख रूप से शामिल है। उसने 2023 में कुडू बस स्टैंड में गोलीकांड और जमवारी गांव में प्रदुमन यादव की हत्या में भी भागीदारी स्वीकारी।उसके आपराधिक इतिहास में लोहरदगा, लातेहार और गुमला जिलों में कुल 19 मामले दर्ज पाए गए हैं। ये मामले मुख्य रूप से हत्या, आगजनी, लेवी वसूली, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आर्म्स एक्ट, CLA Act और UAPA के विभिन्न प्रावधानों से संबंधित हैं। प्रमुख दर्ज कांडों में पेशरार थाना (03/2021, 05/2022, 07/2022), जोबांग, बगडू, कुडू, चंदवा, बालूमाथ, करूमगढ़ और घाघरा थाना क्षेत्रों के गंभीर नक्सली प्रकरण शामिल हैं। यह दस्ता सदस्य बार-बार हिंसक गतिविधियों में शामिल होकर पुलिस और आम नागरिकों के लिए खतरा बना हुआ था।गिरफ्तार माओवादी पर 1 लाख रुपए का इनाम घोषित था और वह क्षेत्रीय स्तर पर संगठन विस्तार के लिए सक्रिय रहकर लेवी उगाही और पुल निर्माण व ठेकेदारों को धमकाने जैसी कई वारदातों का संचालन कर रहा था।जप्त सामग्री:एक देशी कट्टा10 पीस (8MM) जीवित कारतूसछापामारी टीम:वेदांत शंकर, एसडीपीओ किस्कोमनीष कुमार चौबे, पुलिस निरीक्षक, 32वीं वाहिनी एसएसबी, किस्कोअजीत कुमार, थाना प्रभारी कुडूराकेश कुमार गुप्ता, पु.अ.नि. कुडूनीरज कुमार मिश्र, तकनीकी शाखाललित उरांव, तकनीकी शाखाप्रदीप कुमार नायक, अंगरक्षक, एसपी लोहरदगाबिरजो मुंडू, एसपी कार्यालय32वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल की सैट-78 जी-कंपनी की सहायताइस सफल अभियान से कुडू-चंदवा क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है और पुलिस ने इसे संगठन के नेटवर्क को कमजोर करने की उल्लेखनीय सफलता माना है।

Post a Comment

और नया पुराने