होली-रमजान से पहले लोहरदगा में मीट-चिकेन दुकानों पर सख्ती: 6 दुकानों पर 35 सौ का चालान, वैध लाइसेंस के बिना 2 साल की जेल

 जागता झारखंड ब्यूरो चीफ मीर उबैद उल्लाह लोहरदगा


होली एवं रमजान को देखते हुए उपायुक्त, लोहरदगा के निर्देश पर रविवार को खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डा० मोईन अख्तर के नेतृत्व में लोहरदगा जिला अंतर्गत संचालित मीट, मुर्गा, एवं मछली दुकानो का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत दुकानों का पंजीकरण/अनुज्ञप्ति की स्थिति, साफ-सफाई की व्यवस्था, संचालन प्रक्रिया तथा अन्य दस्तावेजों की जांच की गई। मास मटन दुकान संचालकों को यह स्पष्ट निर्देश दिया गया कि वे नगर परिषद् से अनापत्ति प्रमाण लेते हुए एफएसएसएआई पंजीकरण हेतु आवेदन करें। बिना वैध निबंधन के दुकान संचालन करना एक दण्डनीय अपराध है और इसमें 2 वर्ष तक का कारावास का प्रावधान है। मैना बगीचा, पावरगंज चौक, बगडू मोड, न्यु रोड इत्यादि स्थित मीट/मुर्गा दुकानों की जांच की गयी। जांच के क्रम में पावरगंज चौक स्थित मे० जनता मटन एवं मे० लोहरदगा मटन, बगडू मोड़ स्थित मे० तौशिफ चिकेन एवं मे० छोटु चिकेन, तथा न्यु रोड़ स्थित मे० गुलशन मटन तथा झारखण्ड मटन शॉप में खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 तथा विनियम 2011 के प्रावधानों का उल्लघंन करते हुए पाये गये। उक्त सभी प्रतिष्ठान संचालको से खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 59 के तहत् 3500/- (तीन हजार पांच सौ रूपये) का चालान काटा गया। माननीय उच्च न्यायालय रांची झारखण्ड द्वारा पारित आदेश के अनुपालन हेतु सभी मीट मुर्गा प्रतिष्ठान संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और विनियम 2011 का पूर्णतः अनुपालन हेतु 15 बिन्दुओं का एक लिखित नोटिस दिया गया। इसके साथ ही मांस एवं चिकेन का सुरक्षित भण्डारण, स्वच्छ पेय जल का उपयोग, कर्मियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, अपशिष्ठ प्रबंधन तथा उपभोगताओं को सुरक्षित एव गुणवत्ता पूर्ण खाद्य सामाग्री उपलब्ध करने संबंधित आवश्यक निर्देश दिये गये। इसके साथ ही कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, लोहरदगा से खुले में सड़क के किनारे बेच रहे मीट, मुर्गा, मछली दुकानों को एक वेंडर जोन बनाकर उसमें स्थानांनतरित करने हेतु अनुरोध किया गया है ताकि लोहरदगावासियों को साफ एवं स्वच्छ मीट उपलब्ध कराया जा सके। निरीक्षण के क्रम में सहायक कर्मी रजनीश कुमार मौके पर मौजूद थे। 


इस प्रकार का जांच अभियान आगे भी चलता रहेगा। उपरोक्त सभी निर्देशों का अनुपालन नहीं करने की दशा में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत् कार्रवाई की जायेगी।

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