आधार बनाने के नाम पर अवैध वसूली का आरोप, पैसा नही देने पर लगाना पड़ता है चक्कर।

 बगल में ही अधिकारियों का कार्यालय है,परंतु इस अवैध वसूली से अंजान हैं। 


जागता झारखंड संवाददाता शकील अहमद।भंडरा/लोहरदगा

:  जिले के भंडरा ब्लॉक कैम्पस में आधार कार्ड बनाने वाले बीआरसी सेंटर अवैध वसूली का अड्डा बन गया है जबकि बगल में ही ब्लाक के सभी कर्मचारियों का कार्यालय भी है लेकिन अधिकारी इस अवैध वसूली से अंजान है आधार कार्ड बनाने और अपडेट करने के नाम पर गरीबों का खुन चूसा जा रहा है रहा है। तय शुल्क 50 से 125 रुपये है, लेकिन लोगों से 200 से 500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। पत्रकार शकील अहमद द्वारा जांच पड़ताल में यह गड़बड़ी खुलकर सामने आई। 


भाठा मे मजदूरी करने वाली महिला के दर्द भरी दास्तान। 


केस-1 : बुड़का बेदाल निवासी फूलदेव उरांव के धर्मपत्नी फूल कुमारी का आरोप है कि तीन बच्चों का आधार कार्ड बनाने का 900 लिए और पति पत्नी का आधार अपडेट कराने पर 400 रुपये लिए गए ये आरोप भंडरा ब्लॉक बीआरसी सेंटर वाले मोहित कुमार पर लगाते हुवे कही आधार कार्ड बनाने के नाम पर हम जैसे गरीब लोगों का अवैध वसूली कर खून चूसा जा रहा है मैं भाठा मे मजदूरी करती हूं किसी तरह मेरा घर चलता है और मेरे बच्चों का आधार कार्ड बनवाने के लिए कई दिनों से भंडरा बीआरसी का चक्कर काट रही हूँ बावजूद भी आधार कार्ड बनाने एवं अपडेट कराने का कुल राशि 1300 रुपये लिए गए।

बीआरसी में यूं हो रहा अवैध वसूली का खेल। 


स्थान– भंडरा ब्लॉक कैम्पस बीआरसी में जागता झारखंड अखबार के संवाददाता शकील अहमद ने कर्मचारी से आधार कार्ड बनवाने की जानकारी ली, संवाददाता : दो बच्चों का नया आधार बनवाना है, कितने रुपये लगेंगे, कर्मचारी : 200 से 500 रूपया तक लगता है, संवाददाता : इतने ज्यादा क्यों ले रहे हो, कर्मचारी : यही फीस है, संवाददाता : अपडेट कराने का कितना लेंगे कर्मचारी : उसके 200 लगेंगे।

संचालक मोहित ने भी अपने गुनाह कबूल किए।


आदिवासी महिला के लगाए गए आरोप पर पत्रकार शकील अहमद ने बीआरसी संचालक मोहित कुमार से पूछ ताछ कर जायजा लिया गया तो संचालक कर्ता मोहित ने अपने गुनाह कबूल करते हुवे कहा इस कंपनी को उपर पैसा देकर आधार बनाने का काम कर रहे हैं थोड़ा बहुत बढ़ा कर नहीं लेंगे तो नुकसान हो जाएगा। यहां पर बता दें कि 1 वर्ष से लेकर 17 वर्ष तक के बच्चे का आधार बनाने पर कोई शुल्क नहीं है हाल ही में झारखण्ड सरकार द्वारा जारी किया गया है 1 से लेकर 17 वर्ष तक की बच्चे बच्चियों का आधार कार्ड निशुल्क बनाना है और 18 वर्ष से ऊपर के लोगों का आधार बनाने हेतु फीस 125 रूपये के दर से लगेंगे। परंतु बीआरसी संचालक मोहित कुमार द्वारा सरकार के गाईडलाइन को धज्जिया उड़ाते हुवे बच्चों के भी आधार बनाने के फिश वसूली किया जा रहा है और बड़े लोगों का 125 रुपए के जगह 200 से 500 तक वसूले जा रहे है। 

आधार कार्ड के नाम पर अवैध वसूली की क्या है रहस्य।

एक घंटे तक बीआरसी में बैठकर पत्रकार शकील अहमद ने अनजान बनकर आधार कार्ड के नाम पर हो रहे अवैध वसूली को अपनी नजरों से देखता रहा क्रमचारी के कुछ कारनामे अपने मोबाइल कैमरे मे भी कैद किए। आपको बता दे की भाठा में मजदूरी करने वाले महिला द्वारा बीआरसी क्रमचारी में लगाए गए अवैध वसूली का आरोप सच साबित हुवा। अब देखना ये दिलचस्प होगा कि ब्लॉक कैम्पस के अंदर चल रहे आधार के नाम पर हो रही काले कारनामे की करवाई होती है या नहीं।

अंचल अधिकारी ने दुर्गा कुमार ने ये कहा।


वही इस मामले को लेकर अंचल अधिकारी से दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा जांच पड़ताल कर कठोर करवाई जाएगा।

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