चारदीवारी में सिमटी मधुमिता देवी आज आत्मनिर्भर महिला के रूप में सामने आई हैं।


प्रोजेक्ट बदलाव" ग्रामीण महिलाओं में ला रहा आर्थिक सुदृढ़ीकरण




जागता झारखंड संवाददाता पाकुड़: पाकुड़ जिलान्तर्गत पाकुड़ प्रखंड की रहने वाली मधुनीता देवी की जिंदगी अब पूरी तरह से बदल चुकी है। कभी घर की चारदीवारी में सिमटी मधुमिता देवी आज आत्मनिर्भर महिला के रूप में सामने आई हैं। यह बदलाव तब आया जब उन्होंने झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के महिला समूह से जुड़कर समाहरणालय परिसर में ‘दीदी कैफे’ की शुरुआत की।

समूह से लोन लेकर दीदी कैफे की थी शुरुआत

मधुनीता देवी ने बताया कि उन्हें महिला समूह से 50 हजार रुपये का लोन मिला, जिससे उन्होंने दीदी कैफे की शुरुआत की। खास बात यह रही कि समाहरणालय परिसर में जिला प्रशासन द्वारा नि:शुल्क जगह उपलब्ध कराया गया जिससे उन्हें शुरुआती पूंजी और स्थान की चिंता नहीं करनी पड़ी। इस कैफे में वह न केवल चाय नाश्ता खाना बनाती है बल्कि JSLPS की अन्य दीदियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को भी बेचती हैं।समाहरणालय आने-जाने वाले लोगों को स्वादिष्ट एवं पौष्टिक आहार दीदी कैफे में मिल जाता है, क्योंकि बाजार से दूर रहने के कारण एक भरोसेमंद और स्थानीय स्वाद का विकल्प यहां मिल जाता है।

महीने में कमा रही है 40-50 हजार रुपये

मधुमिता देवी ने बताया कि उपायुक्त महोदय का इसमें खास योगदान रहा। उपायुक्त महोदय ने सभी विभागों को मीटिंग, कार्यशाला में दीदी कैफे से ही नाश्ता, भोजन, पानी लेने का निर्देश दिया था। उपायुक्त महोदय के सराहनीय प्रयास से हमारी आमदनी में चार चांद लग गया। अब दीदी कैफे के जरिए हर महीने 40 से 50 हजार रुपये तक की आमदनी हो जाती है, जिससे मेरा और कैफे से जुड़ी दीदियों का जीवन पहले से काफी बेहतर हो गया है। 

चार दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता में दीदी किचन से 87 हजार 850 रूपए एवं पलाश मार्ट के स्टॉल से 17 हजार 245 रूपए के उत्पादों को दीदीयों ने विक्रय किया

चार दिवसीय संथाल परगना खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन पुलिस लाइन पाकुड़ में आयोजित किया गया। इस अवसर पर जेएसएलपीएस द्वारा दीदी किचन और पलाश मार्ट का स्टॉल लगाया गया। सिर्फ प्रतिभागियों को पौष्टिक भोजन ही नहीं प्रदान किया, बल्कि स्थानीय महिलाओं द्वारा उत्पादित वस्तुओं को भी बढ़ावा दिया। 12 से 14 सितंबर 2025 तक संचालित दीदी किचन में प्रतिभागियों, पुलिसकर्मियों एवं आगंतुकों के लिए स्वच्छ, पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन व नाश्ते की व्यवस्था की गई थी। चार दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता में दीदी किचन की कुल 87 हजार 850 रूपए की बिक्री हुई, जो महिलाओं की मेहनत और गुणवत्ता की मिसाल है। वहीं, पलाश मार्ट के स्टॉल से 17 हजार 245 रूपए की बिक्री दर्ज की गई।प्रतिभागियों ने स्थानीय उत्पादों की सराहना करते हुए हस्तनिर्मित वस्तुओं की भी खरीदारी की और महिला उद्यमिता को समर्थन दिया। वहीं प्रतियोगिता के समापन समारोह में संथाल परगना के सभी जिलों से आए पुलिसकर्मियों एवं प्रतिभागियों ने दीदी किचन के स्वादिष्ट भोजन और सेवाओं की भरपूर प्रशंसा की। उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने महिलाओं के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सशक्त कदम बताया।

प्रोजेक्ट बदलाव के अंतर्गत बड़ी संख्या में दीदी किचेन खोलने की हो रही है तैयारी

सखी मंडल से जुड़ी दीदियों को प्रखंड मुख्यालय, चौक चौराहों एवं हाट बाजारों में भी दीदी किचेन खोलने के लिए प्रोत्साहित कर उनको आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। इसके लिए उनको RSETI द्वारा निःशुल्क प्रशिक्षण एवं JSLPS तथा बैंक की मदद से ऋण भी उपलब्ध करवाया जाएगा। इससे जुड़कर सैकड़ों दीदियां आत्मनिर्भर बन पाएगी।

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