अज्ञात चोरों ने चार किलोमीटर तक का तार को किया चोरी

पोल खंभों को भी काटकर ले गया चोर ,चूल्हा पानी के ग्रामीण को कब मिलेगा बिजली ग्रामीण है परेशान

जागता झारखण्ड संवाददाता नवाज खान कुडू/ लोहरदगा कुडू


: प्रखण्ड के सुदुरवर्ती छेत्र पंचायत सलगी दामोदर नदी के उदग्म स्थल के गाॅव चुल्हापनी में हुआ बिजली तार का चोरी लगभग तिन किलोमिटर तक कि तार को अग्यात चोरो के द्वारा चोरी कर लिया गया साथ ही लगभग 25 पीस पोल के खंभों को भी काट कर चोरों ने ले गया चूल्हापानी गांव में लगभग 10 वर्ष पहले बिजली गया था लेकिन चूल्हापानी के ग्रामीण बिजली का उपयोग 6 माह तक हि किया उसके बाद वहां की बिजली की स्थिति बिल्कुल खराब था और नहीं के बराबर बिजली यहाॅ जलाया गया है और बिजली नहीं रहती थी जिसकी वजह से चोर ने फायदा उठाकर सभी तार को काट कर ले गया ग्रामीण जनता काफी परेशान है बच्चों को पढ़ाई के लिए बिजली नहीं मिल रहा है जंगल में जानवर का भी भय बना रहतक है हो सकता है यहाॅ के इस हादसे का शिकार भी यहां के ग्रामीण हो सकते हैं यहाॅ का ग्रामीण का कहना है कि इस गाॅव में कभी हाथी भी पहुच जाती है और सेर भालु भी रात में आ जाता है इस स्थिति में कभी भी बच्चा या बड़ा आदमी के साथ भी हादसा हो सकता है क्यों अन्धेरा में कुछ भी हो सकता है। यहां का ग्रामीणों का कहना है की यहाॅ का केबल तार सही नहीं होने के कारण की वजह से बार-बार फोल्ड होता था और हम लोग विभाग को खबर करते-करते परेशान हो गए इसलिए नहीं बना जिसका फायदा चोरों ने उठा लिया और ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जो अभी तार यहां बचा हुआ है उसको विभाग अपने हाथ में ले ले क्योंकि यह तार को भी शोर कभी भी चोरी कर ले जायगा इसलिए ग्रामीण का कहना है कि बिजली विभाग एवं अधिकारियों से निवेदन कर रही है कि जो बचा हुआ तार है उसको विभाग अपने हाथ पर लेने का कष्ट करें और चूल्हा पानी गांव के ग्रामीण जनता का यह भी कहना है कि हम लोगों को अंधेरा से दूर करने के लिए यथाशीघ्र सरकार इस पर पहल करें और हम लोग को बिजली देने का कष्ट करें क्योंकि हमलोगों को बहुत तरह से दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है कभी भी जानवर का हमला इस गांव में अचानक हो जाती है इसलिए सरकार यथाशीघ्र इस पर विचार विमर्श करते हुए जांच के उपरान्त बिजली का व्यवस्था किया जाए। इस मौके पर चूल्हापानी के ग्रामीण उपस्थित हुवे फूलमनी देवी, विनोद गंझु, अनोज गंझु, रामलाल गंझू ,जगलाल गंझू, मनोज गंझू, राजेश गंझू, फुलदेव गंझू, जगदीश गंझू, वसंत गंझू विशेश्वर गंझू, नरेश गंझू, गणेश गंझू, और तमाम ग्रामीण भी उपस्थित थे।

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