मोटर एक्सीडेंट क्लेम मामलों को लेकर कार्यशाला आयोजित, पीड़ित परिवारों को समय पर मुआवजा दिलाने पर जोर

जागता झारखंड ब्यूरो चीफ मीर उबैद उल्लाह लोहरदगा


झालसा, रांची एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डालसा राज कमल मिश्रा के आदेशानुसार 19 सितंबर 2026 को व्यवहार न्यायालय परिसर लोहरदगा स्थित सभाकक्ष में मोटर एक्सीडेंट क्लेम केसेस को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान कार्यशाला का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डालसा राजकमल मिश्रा, डीजे प्रथम स्वयंभू, डीजे द्वितीय नीरजा असरी, एसडीओ श्री अमित कुमार, डीएसपी श्री दिवाकर कुमार सिंह, 

जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष हेमंत कुमार सिन्हा ने दीप प्रज्वलित कर किया। वहीं पीडीजे सह अध्यक्ष डालसा ने कहा कि दुर्घटना के कारण कोई अपने परिवार के सदस्य को खो देता है। इसकी क्षतिपूर्ति नहीं की जा सकती लेकिन हम सभी मिलकर उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान कर सकते हैं। यह मदद करने, परोपकार करने, पुण्य कमाने का विषय है। दुर्घटना का मामला अन्य मामलों से अलग है। इस पर अनुसंधान अलग दृष्टिकोण से मानवीय पहलू को देखते हुए करें। इस मामले में जांच में अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ताकि पीड़ित परिवार को सही समय से मुआवजा मिल सके। उन्होंने कार्यशाला में उपस्थित पुलिस अधिकारियों से कहा कि वाहन जांच अभियान के दौरान वाहन का इंश्योरेंस अवश्य जांच करें। साथ ही लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करे। लोगों को बताए कि वाहन का इंश्योरेंस होना आवश्यक है। वहीं उन्होंने कार्यशाला में उपस्थित पुलिस अधिकारियों को एफएआर(प्रथम दुर्घटना रिपोर्ट) के बारे में बताया। वहीं डीएसपी श्री दिवाकर कुमार सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। हमें प्राथमिकता के आधार पर इस विषय पर कार्य करना है। रिपोर्ट समय पर जमा कर पीड़ित परिवार की सहायता करें। वहीं एसडीओ श्री अमित कुमार ने कहा कि इस विषय पर किसी का सहारा छिन गया है वैसे परिवार को मदद देने का प्रयास करते हैं। कई लोगों को हिट एंड रन और एमएसीटी को लेकर जानकारी नहीं है कि कैसे इसका लाभ लेना है। कहीं न कहीं लोगों में जानकारी का अभाव है। उन्होंने कहा कि एमएसीटी में इंश्योरेंस काफी मायने रखता है। उन्होंने बताया कि हिट एंड रन के मामले के 2 लाख रूपए मुआवजा दिया जाता है, लेकिन एमएसीटी के मामले में मुआवजा की सीमा बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि लोगों के बीच जागरूकता की आवश्यकता है। वहीं अधिवक्ता राकेश अखौरी ने लोगों को यातायात के नियमों का पालन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर पर बच्चों को यातायात के नियमों को लेकर जागरूक करना चाहिए। ताकि ने अपने अभिभावकों को जागरूक करे। वहीं उन्होंने अनुसंधानकर्ताओं को आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा करने की बात कही। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में अपनी जिम्मेवारी निभाए। कार्यशाला का संचालन डालसा सचिव मनोरंजन कुमार ने की। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य तब पूरा होगा जब किसी पीड़ित परिवार को लाभ दिलाया जाएगा। दुर्घटना को टाला नहीं जा सकता लेकिन कम किया जा सकता है। इस विषय पर जागरूकता आवश्यक है। उन्होंने गोल्डन अवर्स के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि घायल की मदद करना हमारा दायित्व है। काम ऐसा करना है कि जिससे खुद को संतुष्टि मिले। उन्होंने कहा कि डालसा के अंतर्गत कार्यरत पीएलवी लगातार अपने कार्य क्षेत्र में लोगों के बीच जागरूकता कार्यक्रम कर रहे हैं। मौके पर लोक अभियोजक, जिला अधिवक्ता संघ के सचिव, सदर अस्पताल के चिकित्सक, जिला परिवहन विभाग का अधिकारी, एलएडीसीएस के अधिवक्ता, पैनल अधिवक्ता, विभिन्न थानों के पुलिस अधिकारी, पीएलवी उपस्थित थे।


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