जागता झारखंड ब्यूरो चीफ मीर उबैद उल्लाह लोहरदगा: प्रखंड लोहरदगा अंतर्गत अरकोसा पंचायत के मुखिया बसंत उरांव ने अधिग्रहित जमीन का मुआवजा अब तक नहीं मिलने को लेकर उपायुक्त लोहरदगा को आवेदन देकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।मुखिया द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, लोहरदगा नदिया मोड़ से ईरगांव भाया अरकोसा-रामपुर पथ तथा ईरगांव से भंडरा पथ के कुल 19.25 किलोमीटर मार्ग के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं पुनर्निर्माण के लिए अरकोसा पंचायत के अरकोसा एवं भकसो गांव में सड़क के दोनों ओर 25-25 फीट जमीन का भू-अर्जन किया गया है।आवेदन में बताया गया है कि इस संबंध में ग्रामसभा की अनुमति मांगी गई थी। 5 फरवरी 2025 को अरकोसा एवं भकसो में ग्रामसभा आयोजित कर सर्वसम्मति से किसानों ने सार्वजनिक सड़क निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराई थी। इसके बाद भू-अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11(1) के तहत अक्टूबर 2025 में रैयतों के नाम प्रकाशन की अधिसूचना जारी की गई।मुखिया का कहना है कि अधिसूचना जारी हुए लगभग एक वर्ष बीतने के बावजूद गरीब किसानों को अधिग्रहित जमीन का मुआवजा नहीं मिल पाया है, जबकि संबंधित जमीन पर निर्माण कार्य भी पूरा हो चुका है। इससे प्रभावित रैयतों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।मुखिया बसंत उरांव ने उपायुक्त से मामले में आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्रभावित किसानों को उनकी जमीन का उचित एवं शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग की है।
जागता झारखंड ब्यूरो चीफ मीर उबैद उल्लाह लोहरदगा: प्रखंड लोहरदगा अंतर्गत अरकोसा पंचायत के मुखिया बसंत उरांव ने अधिग्रहित जमीन का मुआवजा अब तक नहीं मिलने को लेकर उपायुक्त लोहरदगा को आवेदन देकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।मुखिया द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, लोहरदगा नदिया मोड़ से ईरगांव भाया अरकोसा-रामपुर पथ तथा ईरगांव से भंडरा पथ के कुल 19.25 किलोमीटर मार्ग के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं पुनर्निर्माण के लिए अरकोसा पंचायत के अरकोसा एवं भकसो गांव में सड़क के दोनों ओर 25-25 फीट जमीन का भू-अर्जन किया गया है।आवेदन में बताया गया है कि इस संबंध में ग्रामसभा की अनुमति मांगी गई थी। 5 फरवरी 2025 को अरकोसा एवं भकसो में ग्रामसभा आयोजित कर सर्वसम्मति से किसानों ने सार्वजनिक सड़क निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराई थी। इसके बाद भू-अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11(1) के तहत अक्टूबर 2025 में रैयतों के नाम प्रकाशन की अधिसूचना जारी की गई।मुखिया का कहना है कि अधिसूचना जारी हुए लगभग एक वर्ष बीतने के बावजूद गरीब किसानों को अधिग्रहित जमीन का मुआवजा नहीं मिल पाया है, जबकि संबंधित जमीन पर निर्माण कार्य भी पूरा हो चुका है। इससे प्रभावित रैयतों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।मुखिया बसंत उरांव ने उपायुक्त से मामले में आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्रभावित किसानों को उनकी जमीन का उचित एवं शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग की है।



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