जागता झारखंड ब्यूरो पाकुड़: पाकुड़ में बायपास रोड ओवरब्रिज से लेकर अब्दुल कलाम आजाद चौक तक की सड़क आज पूरी तरह जर्जर और बदहाल हो चुकी है। जबकि लगभग दो साल पहले ही करोड़ों रुपये की लागत से इस सड़क का निर्माण/मरम्मत कराया गया था। सबसे गंभीर बात यह है कि सड़क निर्माण के समय ही हिरानंदनपुर एवं आसपास के कुछ ग्रामीणों ने काम की गुणवत्ता को लेकर विरोध और सवाल उठाए थे। ग्रामीणों का उस समय आरोप था कि सड़क से निकाले गए पुराने मटेरियल को बहिरग्राम के पास स्थित एक प्लांट में ले जाकर फिर उसी सामग्री को वापस लाकर सड़क में इस्तेमाल किया जा रहा था। इन आरोपों की सच्चाई की निष्पक्ष तकनीकी जांच होनी चाहिए। ग्रामीणों के विरोध के बावजूद उस समय संबंधित पदाधिकारियों द्वारा प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई, यह भी जांच का विषय है। बताया जाता है कि इस सड़क का कार्य पूर्व मंत्री के रिश्तेदार इफ्तिकार आलम द्वारा कराया गया था। आज सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कल रात एक बड़ी दुर्घटना होते-होते बची। यदि तत्काल मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है।अजहर इस्लाम पूर्व एनडीए प्रत्याशी सह समाजसेवी, पाकुड़ विधानसभा ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग करता हूँ कि इस सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए और निर्माण कार्य की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराई जाए। टेंडर की राशि, भुगतान, इस्तेमाल की गई सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर रिपोर्ट जनता के सामने रखी जाए।यदि जांच में भ्रष्टाचार, सरकारी राशि का दुरुपयोग या घटिया निर्माण प्रमाणित होता है, तो जो भी व्यक्ति, ठेकेदार या अधिकारी जिम्मेदार हो, उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। करोड़ों रुपये जनता के हैं जनता को हिसाब भी चाहिए और सुरक्षित, मजबूत सड़क भी।


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