खेल दिवस की तैयारी पर कड़ा फोकस: पाकुड़ में प्रशिक्षकों को निर्देश, ‘एक घंटा खेल के मैदान में’ अभियान को जन-जन तक पहुंचाने की कवायद, सिर्फ औपचारिकता नहीं, मैदान में दिखेगा खेल का दम: राष्ट्रीय खेल दिवस को लेकर पाकुड़ में तैयारियों की समीक्षा, प्रशिक्षकों को मिले सख्त निर्देश

 


जागता झारखंड संवाददाता पाकुड़: राष्ट्रीय खेल दिवस-2026 को लेकर पाकुड़ जिले में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। महान हॉकी खिलाड़ी एवं भारतीय खेल जगत के गौरव मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर 29 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय खेल दिवस को इस बार व्यापक स्तर पर आयोजित करने की तैयारी है। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार तथा फिट इंडिया अभियान के तहत “खेलेगा भारत, जीतेगा भारत” की थीम पर 28 से 30 अगस्त तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जाएगा। अभियान का प्रमुख केंद्र “एक घंटा खेल के मैदान में” रखा गया है। इसके तहत लोगों को प्रतिदिन कम से कम एक घंटे खेल एवं शारीरिक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल खेल प्रतियोगिताएं कराना नहीं, बल्कि समाज में खेल संस्कृति, फिटनेस, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है। इसी को लेकर जिला क्रीड़ा पदाधिकारी, पाकुड़ ने जिले में संचालित डे बोर्डिंग प्रशिक्षण केंद्रों एवं खेलो इंडिया प्रशिक्षण केंद्रों के प्रशिक्षकों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं, गतिविधियों और खिलाड़ियों की सहभागिता को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। जिला क्रीड़ा पदाधिकारी राहुल कुमार ने प्रशिक्षकों को निर्देश दिया कि अपने-अपने प्रशिक्षण केंद्रों में अधिकतम खिलाड़ियों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए खेल गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय खेल दिवस महज एक दिन का औपचारिक कार्यक्रम बनकर न रह जाए, बल्कि इसके जरिए जिले में खेल के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार किया जाए। उन्होंने खिलाड़ियों और युवाओं में खेल भावना, अनुशासन, फिटनेस एवं स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही अधिक से अधिक युवाओं और आम नागरिकों को “एक घंटा खेल के मैदान में” अभियान से जोड़ने के लिए प्रभावी पहल करने का निर्देश दिया। बैठक में प्रशिक्षकों को युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से जारी एसओपी के अनुरूप सभी कार्यक्रमों का व्यवस्थित एवं सफल आयोजन सुनिश्चित करने को कहा गया। कार्यक्रमों के दौरान समन्वय, अधिकाधिक सहभागिता और अनुशासन बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। जिला क्रीड़ा पदाधिकारी राहुल कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस केवल खिलाड़ियों का उत्सव नहीं, बल्कि हर नागरिक को खेल और शारीरिक गतिविधियों से जोड़ने का अवसर है। उन्होंने जिले के खिलाड़ियों, युवाओं और आमजनों से अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि “खेलेगा भारत, जीतेगा भारत” की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ जिले की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और स्वस्थ एवं सक्रिय समाज का निर्माण करना सामूहिक जिम्मेदारी है।

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