जेठ जतरा की भव्य धूम: सुखैर भगत का पैतृक गांव में काठ घोड़े पर विराजमान, आदिवासी संस्कृति का अनोखा संगम


जागता झारखंड ब्यूरो चीफ मीर उबैद उल्लाह लोहरदगा:02 मई 2026 को ग्राम पंचायत भड़गाँव के अंतर्गत ग्राम डोका एवं करमटोली के संयुक्त नेतृत्व में अपनी समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर के प्रतीक “जेठ जतरा” के पावन अवसर पर भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर आसपास के गाँवों से जतरा खोड़ा दल पारंपरिक वेशभूषा, ढोल, मांदर एवं नगाड़ा के साथ शामिल हुए, जिससे पूरा वातावरण उत्सवमय हो उठा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला कांग्रेस कमिटी के जिलाध्यक्ष श्री सुखैर भगत अपने पैतृक गाँव में उपस्थित रहे। उनके साथ जिला सोशल मीडिया प्रभारी प्रकाश उराँव एवं प्रखण्ड अध्यक्ष सह मुखिया अनिल उराँव भी शामिल हुए। अतिथियों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार अक्षत, अम्बा पानी एवं तिलक लगाकर भव्य स्वागत किया गया।

इस अवसर पर काठ घोड़ा का विशेष धार्मिक महत्व देखने को मिला। काठ घोड़ा ग्राम देवताओं की उपस्थिति, शक्ति और संरक्षण का प्रतीक माना जाता है, जो समाज की आस्था और एकता को दर्शाता है। ग्रामवासियों ने अत्यंत श्रद्धा के साथ काठ घोड़े पर अतिथियों को बारी-बारी से विराजमान कर पूरे जतरा क्षेत्र में भ्रमण कराया।जतरा में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुखैर भगत ने कहा कि “हम सभी आज अपनी समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर ‘जेठ जतरा’ के पावन अवसर पर एकत्रित हुए हैं। यह पर्व केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी प्रकृति, आस्था और सामूहिक एकता का जीवंत प्रतीक है।”उन्होंने आगे कहा कि जेठ जतरा मुख्य रूप से झारखंड के आदिवासी समाज द्वारा जेठ महीने में मनाया जाता है, जिसमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए अच्छी फसल, वर्षा और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। हमारे पूर्वजों ने प्रकृति को ही ईश्वर का स्वरूप माना और इसी आस्था के साथ यह परंपरा आज भी जीवित है।इस अवसर पर ग्राम देवता, सरना स्थल एवं प्रकृति की पूजा-अर्चना की गई। ढोल-नगाड़ों की धुन, पारंपरिक नृत्य एवं गीतों के माध्यम से संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की गई। यह पर्व आपसी भाईचारे, प्रेम और सहयोग का संदेश देता है तथा हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने और परंपराओं को संजोकर रखने की प्रेरणा देता है।कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष सुखैर भगत, जिला सोशल मीडिया प्रभारी प्रकाश उराँव, प्रखण्ड अध्यक्ष सह मुखिया अनिल उराँव, ग्राम प्रधान नारायण भगत, पूर्व उप मुखिया सेराज अंसारी, समाजसेवी गोपाल साहू, मुनेश्वर भगाया, श्री सहावीर भगत, सुरेश भगत सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।




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