गुमला में उपायुक्त की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

 


विभागवार प्रगति की समीक्षा, लंबित योजनाओं के शीघ्र निष्पादन के निर्देश
शिक्षा, कृषि, शहरी विकास एवं पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता देने पर बल

जागता झारखंड गुमला की रिपोर्ट 

गुमला: उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता मे सोमवार को समाहरणालय सभागार में एक उच्च स्तरीय जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विगत वित्तीय वर्ष की लंबित योजनाओं/परियोजनाओं की प्रगति, लंबित प्रकरणों की वर्तमान स्थिति तथा चालू वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तावित विकासात्मक कार्यों के विस्तृत रोडमैप पर व्यापक समीक्षा एवं विचार-विमर्श किया गया। साथ ही विभागवार प्रगति प्रतिवेदन एवं लक्ष्य प्राप्ति की रणनीति पर भी चर्चा की गई। लगभग 5 घंटे की बैठक में उपायुक्त द्वारा कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया एवं आगे की कार्य योजनाओं पर चर्चा की गई।

उपायुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित रूप से पहुंचे। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से जाकर योजनाओं का धरातलीय निरीक्षण करने तथा प्रखंडवार समीक्षा करने का निर्देश दिया। साथ ही प्रत्येक गांव की आवश्यकताओं का आकलन कर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा।

शिक्षा के क्षेत्र में शैक्षणिक गतिविधियों को सुदृढ़ करने तथा बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) एवं जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) को अपने अधीनस्थों के साथ नियमित बैठक कर सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। आंगनवाड़ी केंद्रों में भी बच्चों की आधारभूत शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

कृषि क्षेत्र की समीक्षा के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) आवेदनों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया गया। किसानों को विभिन्न योजनाओं से आच्छादित करते हुए उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सामूहिक खेती एवं पशुपालन से जुड़े किसानों को भी योजनाओं से जोड़ने पर बल दिया गया। उद्यान विभाग को मशरूम उत्पादन हेतु इच्छुक किसानों को प्रोत्साहित करने तथा सहकारिता विभाग को लाह की खेती के लिए अधिक से अधिक किसानों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए।

भूमि संरक्षण के अंतर्गत जरूरतमंद लाभुकों को तालाब निर्माण योजनाओं से जोड़ते हुए मत्स्य पालन को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।

नगर परिषद को शहरी क्षेत्र में सौंदर्यीकरण, फॉगिंग, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति तथा नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। डेली मार्केट क्षेत्र में पार्क निर्माण एवं टावर चौक के सौंदर्यीकरण से संबंधित प्रस्तावों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

स्वास्थ्य क्षेत्र में सदर अस्पताल में सुधार कार्यों को निरंतर जारी रखने तथा आयुष्मान कार्ड निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल आपूर्ति की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने, जलमीनार निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा जल स्रोतों की साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए गए।

इसके अतिरिक्त विद्युत, लघु सिंचाई, आपूर्ति, पंचायती राज, परिवहन, खनन, जिला योजना एवं खेल विभाग सहित अन्य विभागों की भी विस्तृत समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में उपस्थित अधिकारीगण:

उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, निदेशक डीआरडीए, अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी (गुमला, बसिया, चैनपुर), भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, राज्य कर आयुक्त, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, अवर निबंधक, जिला योजना पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, जिला नजारत उप-समाहर्त्ता सह जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी, जिला नियोजन पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, , कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, कोषागार पदाधिकारी, अधीक्षक उत्पाद सहित विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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