उर्दू के संरक्षण और संवर्धन के लिए हर संभव प्रयास का लिया गया संकल्प
जागता झारखंड रांची : 25 अप्रैल 2026 अंजुमन तरक़्क़ी उर्दू (हिंद) झारखंड की एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन विस्तारित बैठक दिनांक 25 अप्रैल, शनिवार, सायं 7 बजे आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता डॉ. यासीन अंसारी ने की। बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों गढ़वा, धनबाद, जमशेदपुर, गिरिडीह, मधुपुर, रांची और रामगढ़ से अनेक गणमान्य सदस्य एवं पदाधिकारी शामिल हुए। इसके अतिरिक्त लखनऊ से प्रसिद्ध उपन्यासकार, कहानीकार और एक्टिविस्ट समीना खान ने भी भाग लिया और राष्ट्रीय स्तर पर उर्दू की वर्तमान स्थिति पर अपने विचार रखे।बैठक में झारखंड में उर्दू भाषा की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। सदस्यों ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि उर्दू को स्थानीय भाषा के दायरे से बाहर करने के सरकारी प्रयास भाषा और संस्कृति के लिए हानिकारक हैं। इस संदर्भ में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि राज्य के प्रत्येक जिले में इस निर्णय के विरोध में संगठित आंदोलन चलाया जाएगा तथा इसे सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से व्यापक रूप से प्रचारित किया जाएगा।बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए जिनमें वर्ष 2027 की जनगणना को ध्यान में रखते हुए उर्दू के पक्ष में जागरूकता अभियान शुरू करना, प्रत्येक माह जिला स्तर पर बैठक आयोजित करना, राज्य स्तर पर त्रैमासिक बैठक करना, सदस्यता अभियान को तेज करना और जहाँ अब तक जिला समितियों का गठन नहीं हो पाया है वहाँ संबंधित कमिश्नरी के प्रभारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे शीघ्र ही पहल करते हुए समितियों का गठन सुनिश्चित करें। इस उद्देश्य से पूरे झारखंड को पाँच कमिश्नरियों में विभाजित कर 14 प्रभारियों की नियुक्ति की गई है जिनके दायित्वों में संगठन की गतिविधियों को तेज करना तथा कार्यकाल समाप्त होने से पूर्व लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुनाव कराना तथा निष्क्रिय इकाइयों को सक्रिय बनाने के लिए विशेष प्रयास शामिल हैं। इसके अलावा, अगले महीने झारखंड के मुख्यमंत्री से मिलकर उर्दू से संबंधित मुद्दों को प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया जिसकी जिम्मेदारी डॉ. यासीन अंसारी को सौंपी गई।बैठक को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं जैसे डॉ. मोहम्मद अंज़र हुसैन, डॉ. जमशेद क़मर, मोहम्मद ज़िया-उल-मुबीन अंसारी, डॉ. रिहाना मोहम्मद अली, डॉ. फरहत जहाँ, यास्मीन लाल, समीना खान, मुफ्ती मोहम्मद सईद आलम तथा डॉ. अशरफ अली ने उर्दू के संरक्षण और विकास के लिए संयुक्त प्रयासों पर बल दिया।इस अवसर पर स्टेट जनरल सेक्रेटरी एम. ज़ेड. खान ने अपने आरंभिक संबोधन में कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य झारखंड में उर्दू को उसका उचित स्थान दिलाना है जिसके लिए संगठन को मजबूत और सक्रिय बनाने के साथ-साथ उर्दूभाषी समाज तक प्रभावी पहुंच बनाना आवश्यक है।बैठक के अंत में इस संकल्प को दोहराया गया कि उर्दू भाषा के संरक्षण, संवर्धन और उसके संवैधानिक अधिकारों की प्राप्ति के लिए हर संभव प्रयास जारी रखा जाएगा

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