जयकारों से गूंजा टांगीनाथ धाम भगवान परशुराम की जयंती पर उमड़ा आस्था का सैलाब



जागता झारखंड संवाददाता विक्की कुमार डुमरी/गुमला

डुमरी : प्रखंड स्थित सुप्रसिद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल बाबा टांगीनाथ धाम में भगवान शिव के छठे अवतार, भगवान परशुराम की जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर भगवान परशुराम की तपोस्थली में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय जयकारों से गुंजायमान हो उठा।मान्यता है कि टांगीनाथ धाम भगवान परशुराम की तपस्या स्थली है, जहाँ आज भी उनका अक्षय फरसा जमीन में गड़ा हुआ है। जयंती के पावन अवसर पर दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने इस दिव्य फरसा की विशेष पूजा-अर्चना की। भक्तों ने फरसे पर पुष्प अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।रविवार सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ जुटने लगी थी। श्रद्धालुओं ने पवित्र कुंड में स्नान करने के पश्चात भगवान शिव और परशुराम जी का जलाभिषेक किया।धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित कर विधिवत आरती की अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भगवान से आशीर्वाद मांगा।मंदिर परिसर में आयोजित भजन-कीर्तन और "भगवान परशुराम की जय" तथा "हर-हर महादेव" के नारों से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया। भक्तों के अनुसार, परशुराम जयंती पर यहाँ पूजा करने का विशेष महत्व है, क्योंकि यह स्थान सीधे तौर पर उनके तप और शक्ति से जुड़ा है।भक्तों के आने-जाने का सिलसिला जारी रहा, जिससे धाम के आसपास के क्षेत्रों में काफी चहल-पहल देखी गई।

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