जागता झारखंड संवाददाता बसंत कुमार गुप्ता गुमला। शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं स्कूल प्रशासन की लापरवाही पूर्ण कार्यों के कारण आठवीं बोर्ड की परीक्षा मे जिले के कई स्कूलों के स्टूडेंट नहीं हो सके शामिल। स्टूडेंट के परीक्षा में शामिल नहीं होने पर निराशा का भाव देखा जा रहा है। 2 मार्च को आज झारखंड राज्य के सभी जिलों में आठवीं बोर्ड की परीक्षा संपन्न हुई। ।लेकिन गुमला जिले के कई स्कूलों के बच्चों के एडमिट कार्ड नहीं आने की सूचना है। झारखंड राज्य के अन्य जिलों में भी आठवीं बोर्ड के अनेको स्टूडेंट का एडमिट कार्ड नहीं आ पाया है।बताया जाता है कि आठवीं बोर्ड की परीक्षा के लिए परीक्षा फॉर्म भरने में किए गए विलंब एवं लापरवाही पूर्ण कार्यों के कारण समय से परीक्षा फॉर्म जैक के वेबसाइट पर अपलोड नहीं होने के कारण एडमिट कार्ड नही किया जा सका। परिणाम स्वरूप ,समय बीत जाने के कारण समय से परीक्षा फॉर्म नहीं भरा जा सका था। जिसे देखते हुए कई विद्यालय के प्रधानाध्यापक के द्वारा जैक के अध्यक्ष से मुलाकात किया गया था। इस पर जैक अध्यक्ष ने दोबारा आठवीं बोर्ड की परीक्षा लिए जाने की बात कही है।सूचना के मुताबिक गुमला जिले में करीब 12 हजार आठवीं बोर्ड के स्टूडेंट का परीक्षा फॉर्म भरा जा चुका था, शेष बच्चे बच्चों का परीक्षा फॉर्म नहीं भरे जा पाने के कारण हुए 2 मार्च को आयोजित आठवीं बोर्ड के परीक्षा में भाग नहीं ले सके। बताया जा रहा है कि उन्हें सप्लीमेंट्री के दौरान फॉर्म भर कर परीक्षा लिखवाया जा सकता है। खैर जो भी हो लेकिन आठवीं बोर्ड की परीक्षा को लेकर विद्यालय के प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के द्वारा गंभीरता से नहीं लिया गया। जिसके कारण फॉर्म नहीं भरी जा सकी और बच्चे परीक्षा से वंचित रह गए ऐसे विद्यालयों को सरकार और प्रशासन को चिन्हित कर दोषीवार प्रधानाध्यापकों और प्रखंड के शिक्षा विभाग के पदाधिकारी अधिकारियों के खिलाफ में कार्रवाई करने की जरूरत है। इस संबंध में झारखंड नव निर्माण दल के संयोजक विजय कुमार सिंह तथा कांग्रेस पार्टी के नेता और सिसई के पूर्व प्रमुख देवेन्द्र उरांव, ने कहा है कि लापरवाह प्रधानाध्यापक और पदाधिकारी अधिकारी के खिलाफ में कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कई विद्यालयों के आठवीं बोर्ड के बच्चों का एडमिट कार्ड नहीं आया, जिसके कारण वह निर्धारित तिथि को परीक्षा नहीं लिख पाए जो की चिंता का विषय है। सरकार को इन गंभीर मामले को गंभीरता से जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए।
आठवीं बोर्ड की परीक्षा में जिले के कई स्कूलों के स्टूडेंट्स नहीं हो सके शामिल,,, आठवीं बोर्ड के एडमिट कार्ड नहीं आने का मुख्य कारण जैक के वेबसाइट पर परीक्षा फॉर्म समय से नहीं हुआ था अपलोड,
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