संताल परगना महाविद्यालय, दुमका में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन

 


जागता झारखंड दुमका ब्यूरो।संताल परगना महाविद्यालय, दुमका में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. खिरोधर प्रसाद यादव ने की। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण, समानता और शिक्षा के महत्व पर विस्तृत चर्चा की गई। अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में प्राचार्य डॉ. खिरोधर प्रसाद यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं के सम्मान, समान अधिकार और अवसरों को सुनिश्चित करने की प्रेरणा का दिन है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज में महिलाओं को शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर नहीं मिलेंगे तब तक वास्तविक विकास संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि आज महिलाएँ शिक्षा, प्रशासन, विज्ञान और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन रही हैं। कार्यक्रम में अन्य उपस्थित वक्तागण ने कहा कि महिलाओं की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी से ही एक समतामूलक समाज का निर्माण संभव है। समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनके अधिकारों तथा अवसरों की समानता सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है। इस अवसर पर दुमका की बेटी सुदीपा दत्ता के संघर्ष और सफलता का विशेष रूप से उल्लेख किया गया, जिन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 41वाँ रैंक प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। वक्ताओं ने कहा कि सुदीपा दत्ता की उपलब्धि महिला सशक्तिकरण का एक प्रेरणादायक उदाहरण है, जो यह दर्शाती है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद दृढ़ संकल्प और निरंतर परिश्रम से बड़ी सफलता प्राप्त की जा सकती है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. पूनम बिंझा, डॉ. कुमार सौरभ, डॉ. प्रतिभा टुडू, डॉ. यदुवंश यादव, डॉ. कमल शिवकांत हरि तथा महाविद्यालय के अन्य शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।


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